अंडरगार्मेंट्स में स्पर्म और प्राइवेट पार्ट पर... NEET छात्रा की डायरी के पन्नों ने खोले गहरे राज, बार-बार लिखा I am Alone’ और ‘FK My Life’
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 04:59 PM (IST)
Patna Hostel Case CBI Probe : बिहार की राजधानी पटना के 'शंभू गर्ल्स हॉस्टल' में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। केस की जांच अब CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) के पास जाने वाली है लेकिन उससे पहले SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में जो जानकारियां दी हैं उन्होंने पूरे सिस्टम और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डायरी के पन्ने: अकेलापन और घुटन
SIT की जांच का सबसे बड़ा आधार छात्रा की निजी डायरी बनी है। डायरी में लिखे शब्द छात्रा की मानसिक स्थिति का आईना पेश कर रहे हैं। डायरी में छात्रा ने बार-बार ‘I AM ALONE’ और ‘FK MY LIFE’ जैसे वाक्यों का इस्तेमाल किया है। जांच टीम के मुताबिक छात्रा अपने दोस्तों के प्रति तो नरम थी लेकिन भाई और परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति उसकी नाराजगी साफ झलक रही थी। छात्रा ने अपनी भावनाओं को कभी किसी से साझा नहीं किया और प्रतियोगी परीक्षा के दबाव के साथ-साथ निजी जीवन के तनाव को अकेले झेलती रही।
पुलिस का बड़ा कबूलनामा: हुआ था यौन उत्पीड़न
शुरुआत में इसे आत्महत्या बताने वाली पटना पुलिस ने अब आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है कि छात्रा के साथ रेप (यौन हिंसा) हुई थी। छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म के निशान पाए गए हैं जिससे दरिंदगी की बात पुख्ता हुई है। पुलिस ने संदिग्धों के रूप में 18 लोगों के DNA सैंपल लिए थे लेकिन हैरानी की बात यह है कि किसी का भी सैंपल मैच नहीं हुआ। इसी वजह से जांच एक 'डेड एंड' पर पहुंच गई है।
जांच में लापरवाही: SHO और SI सस्पेंड
पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने खुले तौर पर माना कि शुरुआती जांच में पुलिस से गंभीर चूक हुई। चित्रगुप्त नगर थाना स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। लापरवाही के आरोप में कदमकुआं के SI और चित्रगुप्त नगर के थाना प्रभारी (SHO) को सस्पेंड कर दिया गया है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल की लापरवाही को देखते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने की तैयारी है। हॉस्टल मालिक पर भी पटना में कोई भी हॉस्टल चलाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
अब CBI की बारी
चूंकि राज्य पुलिस की SIT किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई और आरोपी की पहचान नहीं हो सकी इसलिए अब CBI इस मामले की गुत्थी सुलझाएगी। केस अब POCSO एक्ट के तहत दर्ज है और पुलिस मुख्यालय ने सारी रिपोर्ट CBI को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
