RTI में खुलासा- देश में 11 अप्रैल तक बर्बाद हुए वैक्सीन के 44 लाख डोज

2021-04-20T17:55:14.303

नेशनल डेस्क: कोरोनावायरस के खात्मे को लेकर दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान भारत में चलाया जा रहा है वहीं लाखों कोरोना टीकों के बर्बाद होने की हैरान करने वाली खबर आई है। RTI (सूचना का अधिकार) के माध्यम से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसमें कहा गया है कि 11 अप्रैल तक 44 लाख से अधिक कोरोना वैक्सीन के डोज खराब हुए हैं. सबसे ज्यादा डोज तमिलनाडु में खराब (वेस्ट) हुए हैं। 

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कैसे बर्बाद हो रही वैक्सीन
दरअसल, वैक्सीन की एक शीशी में 10 या 20 डोज होती हैं। लेकिन एक बार शीशी खुलने के बाद इसे 4 घंटे में इस्तेमाल करना जरूरी है। अगर तय समय में ये इस्तेमाल नहीं हो पाती तो वैक्सीन खराब हो जाएगी। यानी सेंटर्स पर अगर लोग 10 या 20 नहीं हो पाते हैं, उससे थोड़े कम रहते हैं और वैक्सीन की शीशी खोली जाती है। तो उसमें कुछ मात्रा बर्बाद हो जाती है।

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 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कोरोना वैक्सीन लगना जनवरी के मध्य से शुरू हो गया था और 11 अप्रैल तक तमिलनाडु में सबसे अधिक 12.10 प्रतिशत, उसके बाद हरियाणा में 9.74%, पंजाब में 8.12%, मणिपुर में 7.8% और तेलंगाना में 7.55% वक्सीन खराब हुई है। वहीं, सबसे कम बर्बाद होने वाले राज्य में केरल, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, गोवा, दमन और दीव, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं। इन राज्यों में डोज का “जीरो वेस्टेज” है।


Content Writer

Anil dev

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