बारिश से मची तबाही पर बोले प्रधानमंत्री- मुश्किल घड़ी में पूरा देश मध्य प्रदेश के साथ खड़ा है

punjabkesari.in Saturday, Aug 07, 2021 - 12:26 PM (IST)

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में आज करीब 5 करोड़ लाभार्थियों को अन्न वितरण करने का अभियान चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाभार्थियों से बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोरोना शुरू हुआ तब से देश के 80 करोड़ से ज़्यादा गरीबों के घरों में मुफ्त राशन पहुंचाया जा रहा है। 

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पीएम के संबोधन की मुख्य बातें 

  • पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत हो रहे इस अन्न वितरण के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।
  • करीब 5 करोड़ लाभार्थियों को आज मध्य प्रदेश में इस योजना को एक साथ पहुंचाने का बड़ा अभियान चल रहा है।
  • ये दुखद है कि एमपी में अनेक जिलों में बारिश और बाढ़ की परिस्थितियां बनी हुई हैं।
  • अनेक साथियों के जीवन और आजीविका दोनों प्रभावित हुई है।
  • मुश्किल की इस घड़ी में भारत सरकार और पूरा देश, मध्य प्रदेश के साथ खड़ा है।
  • आपदा कोई भी हो, उसका असर बहुत व्यापक होता है, दूरगामी होता है।
  • कोरोना के कारण पूरी मानवता पर 100 साल में सबसे बड़ी आपदा आई है।
  • पिछले 100 साल में दुनिया के किसी देश ने ऐसी आपदा नहीं देखी।
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दुनिया के किसी देश ने ऐसी आपदा नहीं देखी: पीएम मोदी

  • कोरोना से उपजे संकट से निपटने के लिए भारत ने अपनी रणनीति में गरीब को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना हो या फिर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना, पहले दिन से ही गरीबों और श्रमिकों के भोजन और रोजगार की चिंता की गई।
  • कल ही भारत ने 50 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने के बहुत अहम पड़ाव को पार किया है।
  • दुनिया में ऐसे अनेक देश हैं, जिनकी कुल जनसंख्या से भी अधिक टीके भारत एक सप्ताह में लगा रहा है।
  • ये नए भारत का, आत्मनिर्भर होते भारत का नया सामर्थ्य है।

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श्रमिकों को दी जा रही वन नेशन-वन राशन कार्ड की सुविधा: पीएम मोदी
 

  • कोरोना से बने हालात में भारत आज जितने मोर्चों पर एक साथ निपट रहा है, वो हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है।
  • आज दूसरे राज्यों में काम कर रहे श्रमिकों की सुविधा के लिए वन नेशन-वन राशन कार्ड की सुविधा दी जा रही है। 
  • पहले की सरकारी व्यवस्था में एक विकृति थी। 
  • वो गरीब के बारे में सवाल भी खुद पूछते थे और जवाब भी खुद ही देते थे।
  • जिस तक लाभ पहुंचाना है, उसके बारे में पहले सोचा ही नहीं जाता था। 
  • आजीविका पर दुनियाभर में आए इस संकट काल में ये निरंतर सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारत में कम से कम नुकसान हो।
  • इसके लिए बीते साल में अनेक कदम उठाए गए है और निरंतर उठाए जा रहे है।
     

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vasudha

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