cancer causing substances: घर में इस्तेमाल होने वाली इन 7 आम चीज़ों से बढ़ सकता है कैंसर का ख़तरा

punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 10:03 AM (IST)

आजकल हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कई ऐसी चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं, जिनके बिना हमारा काम नहीं चलता-जैसे सफ़ाई के स्प्रे, मोमबत्तियां या बैटरियां। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे घरों में मौजूद इन आम चीज़ों में कुछ ऐसे केमिकल (रसायन) हो सकते हैं, जिनसे कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है? एक कैंसर इंस्टीट्यूट के चिकित्सक ने बताए कौन सी चीज़ें हमारे लिए ख़तरनाक हो सकती हैं और हम इनसे खुद को कैसे बचा सकते हैं।

1. घर की सफ़ाई का सामान (Cleaning Products)
घर को चमकाने और महकाने वाले लिक्विड या स्प्रे में 'फॉर्मेल्डिहाइड' और 'बेंजीन' जैसे केमिकल होते हैं। रूम फ्रेशनर, सैनिटाइज़र स्प्रे और तेज़ ख़ुशबू वाले क्लीनर हवा में ज़हरीली गैसें छोड़ते हैं।

बचाव के उपाय: बिना ख़ुशबू वाले या  natural क्लीनर का ही इस्तेमाल करें। सफ़ाई करते समय घर की खिड़कियां और पंखे खुले रखें ताकि ताज़ी हवा आती रहे।

2. बैटरियां (Batteries)
पुरानी या लीक हो रही बैटरियों में 'कैडमियम' और 'लेड' जैसी भारी धातुएं होती हैं, जो कैंसर की वजह बन सकती हैं। ख़ासकर रीचार्ज होने वाली 'निकल-कैडमियम' बैटरियां ज़्यादा ख़तरनाक होती हैं।

बचाव के उपाय: लीक हो रही बैटरियों को हाथ न लगाएं। बैटरियों को कचरे में फेंकने के बजाय हमेशा ई-कचरा (E-waste) कलेक्शन सेंटर में दें। आजकल आने वाली 'लिथियम-आयन' बैटरियों का इस्तेमाल करें, ये कम नुकसानदेह होती हैं।

3. दीवारों का पेंट
पेंट में ऐसे केमिकल होते हैं जो दीवार सूखने के बहुत दिनों बाद तक हवा में घुले रहते हैं और सांस के ज़रिए हमारे अंदर जाते हैं।
बचाव के उपाय: हमेशा 'लो-वीओसी' (Low VOC) या 'वीओसी-मुक्त' पेंट ही खरीदें। पेंटिंग के दौरान और उसके कुछ दिनों बाद तक कमरे में हवा आने-जाने का पूरा इंतज़ाम रखें।

4. ख़ुशबूदार मोमबत्तियां  
पैराफिन मोम (Paraffin wax) या नकली ख़ुशबू से बनी मोमबत्तियां जलने पर 'बेंजीन' और 'टोल्यून' जैसी ख़तरनाक गैसें छोड़ती हैं।

बचाव के उपाय: बाथरूम जैसे छोटे या बंद कमरों में मोमबत्ती न जलाएं। सोया मोम (Soy wax) या मधुमक्खी के मोम (Beeswax) से बनी प्राकृतिक मोमबत्तियाँ ही खरीदें।

5. प्लास्टिक के डिब्बे और बोतलें (Plastic Containers)
प्लास्टिक की बोतलों और डिब्बों में 'बीपीए' (BPA) नाम का रसायन होता है। जब हम इन डिब्बों में खाना रखकर माइक्रोवेव में गर्म करते हैं, तो यह केमिकल हमारे खाने में मिल जाता है।

बचाव के उपाय: खाना रखने या गर्म करने के लिए कांच (Glass) या स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करें। प्लास्टिक की बोतल की जगह स्टील या तांबे की पानी की बोतल का इस्तेमाल करें।

6. ब्यूटी प्रोडक्ट्स (Beauty Products)
हेयर डाई, मॉइस्चराइज़र और केमिकल से बाल सीधे (Straightening) करने वाले प्रोडक्ट्स में 'पैराबेन' और 'थैलेट' जैसे रसायन होते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।

बचाव के उपाय: कोई भी क्रीम या कॉस्मेटिक खरीदने से पहले उसके पीछे लिखे सामान (Ingredients) की लिस्ट ज़रूर पढ़ें। जितना हो सके हर्बल या आर्गेनिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।

7. नॉनस्टिक बर्तन (Non-stick Pans)
नॉनस्टिक पैन पर लगी काली परत (टेफ्लॉन) को बनाने में 'पीएफओए' (PFOA) नाम का केमिकल इस्तेमाल होता है। इन्हें 'फॉरएवर केमिकल्स' (हमेशा रहने वाले रसायन) भी कहते हैं, क्योंकि ये शरीर में जाकर कभी ख़त्म नहीं होते और लिवर-किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं।

बचाव के उपाय: नॉनस्टिक बर्तनों में बहुत तेज़ आंच पर खाना न पकाएं। अगर नॉनस्टिक बर्तन पर खरोंच (Scratches) आ गई हो, तो उसे तुरंत बदल दें। खाना पकाने के लिए लोहे (Cast iron), स्टील या मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल सबसे अच्छा है।

काम की बात:  इन चीज़ों का कभी-कभार इस्तेमाल करने से डरने की ज़रूरत नहीं है।  


 


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Content Editor

Anu Malhotra

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