पटना के बाद अब शिमला में जुटेगा विपक्ष, एकसाथ मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमत हुईं पार्टियां- बैठक के बाद बोले नीतीश
punjabkesari.in Friday, Jun 23, 2023 - 05:12 PM (IST)
नेशनल डेस्कः बिहार के पटना में शुक्रवार को विपक्षी दलों की बैठक हुई। बैठक में कई पार्टियों के नेताओं ने भाग लिया। बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस से अरविंद केजरीवाल नदारद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि आज विपक्ष की बैठक हुई। इस बैठक में अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, महबूबा मुफ्ती, उद्धव ठाकरे, उमर अबदुल्ला, हेमंत सोरेन और अखिलेश यादव मौजूद रहे।
नीतीश ने बताया कि विपक्ष की काफी अच्छी मुलाकात हुई है। विपक्ष एक साथ चुनाव लड़ने पर सहमति बन चुकी है। सभी लोग मिलकर लड़ने को सहमत हुए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो लोग सत्ता में हैं, वो देशहित में काम नहीं कर रहे। वह इतिहास बदलने में लगे हुए हैं और वह इतिहास भुलवा देंगे। उन्होंने बताया कि अगली बैठक जल्द होगी। उस बैठक में सारी चीजें साफ हो जाएंगी। कौन कहां से चुनाव लड़ेगा।
मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी नेता एक होकर चुनाव लड़ेंगे। हम एक कॉमन एजेंडा तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम 10-12 जुलाई को अगली बैठक होगी। यह बैठक शिमला में होगी। शिमला की बैठक में एजेंडा तैयार होगा। खरगे ने कहा कि हर राज्य में अलग ढंग से काम करना होगा। एक ही बात, एक ही मुद्दा हर राज्य में नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर 2024 की लड़ाई लड़नी है और हम भाजपा को हराने में जरूर कामयाब होंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान की नींव पर हमला हो रहा है। बीजेपी और आरएसएस संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। ये विचारधारा की लड़ाई है। हम उसके साथ खड़े हैं। उन्होंन कहा कि थोड़े-थोड़े मतभेद जरूर हैं लेकिन हम सब मिलकर काम करेंगे।
ममता बनर्जी ने कहा कि हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। बीजेपी की जो तानाशाही चल रही है, उससे मिलकर लड़ना है। हम लोग एक साथ हैं, मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमें विरोधी मत बोलो, हम भी भारतवासी हैं। मणिपुर जलने पर हमें भी तकलीफ होती है। भाजपा को आम जनता की चिंता नहीं है। जो बोलता है, उसके पीछे ईडी, सीबीआई लगा देते हैं।
ममता ने कहा कि ऐसा कुछ लोग कहते हैं कि अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘तानाशाही' सरकार फिर से चुनकर आ जाएगी, तो देश में अगला चुनाव नहीं होगा। उन्होने कहा कि बिहार जन आंदोलनों की भूमि रही है और एक बार फिर इस राज्य से इतिहास बनाने की शुरुआत हुई है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमारी कोशिश यह करेगी कि हम गांधी के मुल्क को ‘गोडसे का मुल्क' नहीं बनने देंगे।
