सरकार की नई पहल: इलाज का खर्च होगा आसान, शुरू हुई NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम
punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 07:42 PM (IST)
नेशनल डेस्कः देश में इलाज लगातार महंगा होता जा रहा है और मेडिकल खर्च हर परिवार के बजट को बिगाड़ रहा है। खासकर रिटायरमेंट के बाद, जब आमदनी सीमित हो जाती है, तब अस्पताल और दवाइयों का खर्च सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार के पेंशन रेगुलेटर PFRDA (पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने एक नई पहल की है।PFRDA ने NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम की शुरुआत की है, जिसके जरिए अब लोग अपनी पेंशन बचत का इस्तेमाल इलाज से जुड़े खर्चों के लिए कर सकेंगे। फिलहाल इस योजना को रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है, ताकि इसके असर को समझने के बाद इसे देशभर में शुरू किया जा सके।
क्या है NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम?
NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम को खासतौर पर मेडिकल जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस स्कीम में जमा की गई रकम का इस्तेमाल भविष्य में डॉक्टर की फीस, दवाइयों और अस्पताल में भर्ती होने जैसे खर्चों के लिए किया जा सकेगा। यानी अब NPS की बचत सिर्फ रिटायरमेंट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बीमारी के समय भी आर्थिक सहारा देगी। PFRDA के मुताबिक यह स्कीम पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसमें शामिल होना या न होना सब्सक्राइबर की अपनी पसंद पर निर्भर करेगा। यह नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के अंतर्गत एक अलग श्रेणी के रूप में शुरू की गई है।
कौन ले सकता है इस स्कीम का फायदा?
भारत का कोई भी नागरिक इस NPS स्वास्थ्य पेंशन स्कीम से जुड़ सकता है। जिन लोगों के पास पहले से NPS का कॉमन स्कीम अकाउंट नहीं है, उन्हें हेल्थ पेंशन अकाउंट के साथ-साथ कॉमन स्कीम अकाउंट भी खोलना होगा।
क्या होंगे चार्ज और फीस?
इस योजना से जुड़े सभी चार्ज और फीस MSF (मैनेज्ड सर्विस फंड) द्वारा तय किए जाएंगे। इनमें हेल्थ बेनिफिट एडमिनिस्ट्रेटर (HBA) को दिया जाने वाला शुल्क भी शामिल होगा। सभी शुल्कों की जानकारी पहले से सब्सक्राइबर को दी जाएगी। सब्सक्राइबर NPS के मौजूदा नियमों के अनुसार अपनी सुविधा के मुताबिक इस स्कीम में योगदान कर सकते हैं। जमा की गई रकम तय निवेश नियमों के तहत निवेश की जाएगी, ताकि समय के साथ उसका मूल्य बढ़ सके।
ट्रांसफर की सुविधा
40 साल से अधिक उम्र के सब्सक्राइबर, जो सरकारी कर्मचारी या सरकारी कंपनियों में कार्यरत नहीं हैं, वे अपने कॉमन स्कीम अकाउंट से जमा रकम का 30% तक हिस्सा NPS हेल्थ पेंशन अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं।
इलाज के लिए आंशिक निकासी की सुविधा
डॉक्टर को दिखाने, दवाइयों या अस्पताल में भर्ती होने जैसी जरूरतों के लिए सब्सक्राइबर किसी भी समय अपने खाते से 25% तक रकम निकाल सकता है।
- निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी
- किसी तरह की लॉक-इन अवधि नहीं होगी
- पहली बार निकासी तभी संभव होगी जब खाते में कम से कम 50,000 रुपये जमा हों
पूरी रकम निकालने का विकल्प
अगर किसी गंभीर बीमारी के इलाज में एक बार में खर्च खाता बैलेंस के 70% से ज्यादा हो जाता है, तो सब्सक्राइबर को पूरी जमा रकम (100%) निकालने की अनुमति दी जाएगी, ताकि इलाज में किसी तरह की आर्थिक बाधा न आए।
कैसे होगा क्लेम सेटलमेंट?
इलाज के लिए निकाली गई रकम सीधे अस्पताल या इलाज से जुड़े संस्थानों जैसे HBA या TPA को भेजी जाएगी। भुगतान मेडिकल बिल और दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा। अगर इलाज के बाद कोई राशि बच जाती है, तो उसे वापस सब्सक्राइबर के कॉमन स्कीम अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
