Karnataka News: एक ही परिवार के 3 सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पूरे इलाके में सन्नाटा, हर कोई सदमे में
punjabkesari.in Wednesday, Jun 10, 2026 - 08:11 AM (IST)
नेशनल डेस्क: कर्नाटक के मांड्या जिले के नेहरू नगर से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां कर्ज के दलदल में फंसे एक कपड़े के व्यापारी ने परिवार सहित खौफनाक कदम उठा लिया। व्यापारी ने पहले अपनी पत्नी और महज डेढ़ महीने पहले ब्याहे इकलौते बेटे की गला घोंटकर हत्या की और फिर अपनी ही दुकान में जाकर सुसाइड कर लिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने इस तिहरे मौत के रहस्य से पर्दा उठाया है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं, बहू बनाती रही नाश्ता
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक संतोष की शादी को अभी सिर्फ डेढ़ महीना ही हुआ था। घर में नई नवेली बहू थी और खुशियों का माहौल था। जिस वक्त रात में इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया जा रहा था, संतोष की पत्नी घर के दूसरे हिस्से में सो रही थी। उसे भनक तक नहीं लगी। अगली सुबह उठकर बहू ने रोज़ की तरह पूरे परिवार के लिए नाश्ता तैयार किया। जब वह अपनी सास ज्योति को जगाने कमरे में गई, तो वहां का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरे में मां-बेटे की लाशें पड़ी थीं।
सुसाइड नोट ने खोला खौफनाक राज
शुरुआत में पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या मान रही थी, लेकिन व्यापारी प्रभाकर के सुसाइड नोट ने साफ कर दिया कि यह पहले डबल मर्डर और फिर सुसाइड का मामला था। प्रभाकर का कपड़ों का बिजनेस पूरी तरह ठप हो चुका था। उसने अपना गुजारा करने के लिए कुछ प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों से भारी ब्याज पर लोन लिया था। बिजनेस न चलने के कारण वह किश्तें (EMI) नहीं चुका पा रहा था, जिसके बाद कंपनियों के रिकवरी एजेंट उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इसी डिप्रेशन में आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
भाई बोले- 'मना करने के बाद भी लिया भारी ब्याज पर कर्ज'
प्रभाकर के भाई वेंकटराम ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि प्रभाकर ने कभी अपनी तंगी का जिक्र नहीं होने दिया। डेढ़ महीने पहले बेटे की शादी के वक्त जब उन्होंने पैसों की मदद की पेशकश की थी, तो प्रभाकर ने यह कहकर मना कर दिया था कि पैसों का इंतजाम हो गया है। वेंकटराम ने उसे भारी ब्याज पर कर्ज न लेने की सलाह भी दी थी, लेकिन कंपनियों के मकड़जाल ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मांड्या जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) शोभारानी ने बताया कि घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर उन निजी फाइनेंस कंपनियों और एजेंटों की तलाश शुरू कर दी है, जो परिवार को इस हद तक प्रताड़ित कर रहे थे। कानूनी प्रक्रिया के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है।
