NRC पर भड़की ममता ने कभी खुद उठाया था बांग्लादेशियों का मुद्दा, गुस्से में दिया था इस्तीफा

Thursday, Aug 02, 2018 - 01:52 PM (IST)

नई दिल्ली: असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) मसले पर गुस्साई तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने कभी खुद इसका मुद्दा उठाया था और अवैध बांग्लादेशि‍यों को देश से बाहर करने की बात कही थी। एनआरसी पर दोहरा मापदंड अपनाने वाली ममता ने साल 2005 में अगस्त में लोकसभा में भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेश‍ि‍यों का मसला उठाया था, तब वे इतना गुस्से में आ गई थीं कि उन्होंने स्पीकर की तरफ कागज के टुकड़े तक फेंक दिए थे। इतना ही नहीं उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को संसद की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया और सदन से बाहर चली गई थीं।

बांग्लादेशि‍यों पर थीं आगबूबला 
साल 2005 में ममता  अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दा लोकसभा में उठाना चाहती थीं लेकिन तब सदन की अध्यक्षता कर रहे डिप्टी स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल ने उन्हें रोक दिया था। इस पर ममता काफी नाराज हो गई थीं और उन्होंने तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी की तरफ कागज के टुकड़े फेंके थे हालांकि तब स्पीकर की कुर्सी पर मौजूद नहीं थे। अटवाल ने ममता को बताया कि चटर्जी ने सदन में अब अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दा उठाने की इजाजत नहीं दी है क्योंकि इस पर पहले ही चार घंटे तक बहस हो चुकी है। इस पर ममता ने कहा कि पर वे इस मुद्दे को उठाना चाहती हैं क्योंकि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता है।

उन्होंने तब खुद कहा था कि बंग्लादेशी आवेध कागज बनाकर असम में रह रहे हैं। ममता उस समय विपक्ष में थीं और केंद्र में यूपीए की सरकार थी। ममता ने तब कहा था कि जब वह अपनी जनता की आवाज नहीं उठा सकतीं, तो उनका सांसद बने रहने का कोई मतलब नहीं है और इस्तीफा देकर चली गई थीं लेकिन तकनीकी कारणों से उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ था। जो कांग्रेस और वाम दल आज ममता की सराहना कर रहे हैं उन सभी ने तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के व्यवहार की आलोचना की थी।

Seema Sharma

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