चुनाव से पहले EC का बड़ा निर्देश, यूपी सहित 5 राज्यों में अधिकारियों के तबादले के आदेश
punjabkesari.in Tuesday, Oct 27, 2026 - 05:51 PM (IST)
नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मंगलवार को उन पांच राज्यों को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। जहां पर 2027 में विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव कार्यों से सीधे जुड़े कुछ श्रेणियों के अधिकारियों का तबादला करने का निर्देश दिया है। ये पांच राज्य हैं - गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड है। आप को बता दें कि हाल ही में इन पांच राज्यों सहित 17 राज्यों में मतदाता सूची के 'विशेष सारांश पुनरीक्षण' (Special Summary Revision) का आदेश देते हुए, चुनाव आयोग (EC) ने कहा था कि इन पांच राज्यों में चुनाव "अगले साल की शुरुआत में" हो सकते हैं। निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा अधिकारियों का तबादला करना एक सामान्य प्रक्रिया है।
पांच राज्यों में होगा चुनाव
इन पांच राज्यों को भेजे गए एक निर्देश में, चुनाव आयोग ने कहा कि जो अधिकारी अपने गृह जिलों में तैनात हैं, या जिन्होंने पिछले चार वर्षों में किसी जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं, या उत्तर प्रदेश के मामले में 31 मई 2027 तक तीन साल पूरे कर लेंगे, उन्हें वहां से हटाकर दूसरी जगह तैनात किया जाना चाहिए।
इन अधिकारियों पर लागू होगा नियम
इस आदेश के दायरे में जिला चुनाव अधिकारी (DEO), रिटर्निंग ऑफिसर (RO), अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM), उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM), तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी (BDO) जैसे जिला स्तरीय अधिकारी; तथा संभागीय और नगर आयुक्त (Divisional and Municipal Commissioners) आते हैं। इसके अलावा, उप-निरीक्षक (Sub-Inspector) से लेकर रेंज अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) और महानिरीक्षक (IG) स्तर तक के पुलिस अधिकारी, तथा आबकारी और परिवहन विभाग के उप-निरीक्षक या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी भी इस आदेश के दायरे में आते हैं।
इन अधिकारियों को मिलेगी छूट
राज्य मुख्यालयों में तैनात अधिकारियों को इस आदेश से छूट दी गई है। साथ ही, चुनाव कार्यों से न जुड़े कर्मचारियों, जैसे डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षकों को भी इससे बाहर रखा गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा (493 सदस्य) का कार्यकाल 22 मई, 2027 को समाप्त हो रहा है, जबकि मणिपुर (60 सदस्य), गोवा (40 सदस्य), पंजाब (117 सदस्य) और उत्तराखंड (70 सदस्य) की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा। 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' के प्रावधान चुनाव आयोग (EC) को यह अधिकार देते हैं कि वह कार्यकाल समाप्त होने से "छह महीने पहले" चुनाव करा सकता है।
