फ्रांस का AI Impact Summit में बड़ा ऐलान ! मैक्रों ने भारतीय छात्रों के लिए खोले द्वार, दिया बड़ा उपहार

punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 05:14 PM (IST)

 International Desk: फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भारतीय छात्रों के लिए बड़ी राहत का ऐलान करते हुए कहा है कि फ्रांस वीज़ा और सोर्सिंग प्रक्रिया को सरल बनाएगा और अधिक शैक्षणिक पाठ्यक्रम इंग्लिश में उपलब्ध कराएगा। यह घोषणा उन्होंने नई दिल्ली में भारत-फ्रांस शैक्षणिक और वैज्ञानिक सहयोग पर उच्चस्तरीय बैठकों के दौरान की।

 

2030 तक 30 हजार छात्रों का लक्ष्य
AIIMS परिसर में संबोधन के दौरान मैक्रों ने कहा कि फिलहाल हर साल लगभग 10,000 भारतीय छात्र फ्रांस जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर यह संख्या 2030 तक बढ़ाकर 30,000 प्रति वर्ष करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए फ्रांस की ओर से वीज़ा प्रक्रिया को ज्यादा व्यावहारिक और छात्रों की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जाएगा।

 

AIIMS में इंडो-फ्रेंच AI कैंपस का उद्घाटन
इस अवसर पर मैक्रों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री JP Nadda ने All India Institute of Medical Sciences में Indo-French Campus on AI in Global Health का उद्घाटन किया। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हेल्थकेयर समाधान, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

 

इंग्लिश में पढ़ाई, वर्ल्ड-क्लास रिसर्च
मैक्रों ने भरोसा दिलाया कि फ्रांस आने वाले भारतीय छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षण, अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर्स और मजबूत इंटर-डिसिप्लिनरी सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस विभिन्न विषयों में इंग्लिश-टॉट प्रोग्राम्स की पेशकश करेगा ताकि भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और अधिक सुलभ हो सके। इंडो-फ्रेंच AI कैंपस का उद्देश्य न केवल ग्लोबल हेल्थ में AI के उपयोग को आगे बढ़ाना है, बल्कि दोनों देशों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता, छात्र आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को भी नई मजबूती देना है।


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Content Writer

Tanuja

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