'पापा, मुझे बचा लीजिए...' आखिरी कॉल के बाद छा गया सन्नाटा, लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत

punjabkesari.in Tuesday, Jun 23, 2026 - 08:27 AM (IST)

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। आग में फंसे एक युवक ने अपने पिता को आखिरी बार फोन कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन परिवार उसके पास समय पर नहीं पहुंच सका। इस दर्दनाक हादसे में कुल 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

आखिरी कॉल में मांगी थी मदद
मृतकों में शामिल 23 वर्षीय सुखमनी सिंह ने आग लगने के दौरान अपने पिता को फोन किया था। परिवार के अनुसार, उसने घबराई हुई आवाज में कहा, "पापा, यहां आग लग गई है, मुझे बचा लीजिए।" इसके कुछ समय बाद उससे संपर्क टूट गया। जब तक मदद पहुंचती, बहुत देर हो चुकी थी।

आग में फंसे रहे लोग, कुछ ने लगाई छलांग
चश्मदीदों के मुताबिक आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पालतू जानवरों से जुड़ी दुकानों में शुरू हुई थी। देखते ही देखते धुआं और आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। कई लोग अंदर ही फंस गए, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। हादसे के बाद कुल 24 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने 15 लोगों को मृत घोषित कर दिया।

परिवारों का छलका दर्द
एक अन्य मृतक आदित्य श्रीवास्तव की मां ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते राहत और बचाव कार्य तेज़ी से किया जाता, तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। उनका कहना है कि धुएं के बीच उनका बेटा लंबे समय तक अंदर फंसा रहा और समय पर सहायता नहीं मिल सकी। आदित्य के दोस्तों ने उसे एक प्रतिभाशाली और मेहनती युवक बताया। उसके अचानक चले जाने से दोस्त और परिवार गहरे सदमे में हैं।

परिवार का इकलौता सहारा था अब्दुल
हादसे में जान गंवाने वालों में अब्दुल रहमान भी शामिल था। उसके दोस्तों के मुताबिक वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पिता लकवाग्रस्त हैं और मां गृहिणी हैं। कुछ महीने पहले ही उसे नौकरी मिली थी और वह अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहा था। उसकी मौत के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।

जांच शुरू, अधिकारियों पर कार्रवाई
घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित भवन को वर्षों पहले असुरक्षित घोषित किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई और इस दर्दनाक हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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