राजेश एक्सपोर्ट्स में LIC की हिस्सेदारी का होना चिंताजनक : कांग्रेस
punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 11:58 PM (IST)
नेशनल डेस्कः कांग्रेस ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड नामक कंपनी से जुड़ी कथित अनियमितता का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस कंपनी में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी का होना चिंताजनक है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सवाल भी किया कि क्या एलआईसी द्वारा इतनी बड़ी हिस्सेदारी का अधिग्रहण सरकारी तंत्र के निर्देशों के तहत किया गया था? भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बुधवार को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के प्रवर्तक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश मेहता पर कंपनी की प्रतिभूतियों में लेन-देन करने की रोक लगा दी। उनपर वित्तीय विवरण में बड़े पैमाने पर भ्रामक जानकारी देने और धन के गबन का आरोप लगाया गया है।
SEBI ने 3 जून 2026 की अपनी अंतरिम रिपोर्ट में सोने की रिफाइनिंग और ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी एक हाई-प्रोफाइल कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़े एक बेहद बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। SEBI का कहना है कि वित्त वर्ष 2020/21 से 2024/25 तक पांच वर्षों की अवधि में राजस्व के आंकड़ों को गलत…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 4, 2026
रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''सेबी ने 3 जून, 2026 को जारी अपनी अंतरिम रिपोर्ट में राजेश एक्सपोर्ट्स नामक एक प्रतिष्ठित कंपनी से जुड़े एक बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। सेबी का कहना है कि 2020-21 से 2024-25 की पांच वर्षीय अवधि में राजस्व में भारी हेराफेरी की गई है, जो 15 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है। यह एक अविश्वसनीय आंकड़ा है। जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।''
उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि एलआईसी के पास राजेश एक्सपोर्ट्स का लगभग 10.8 प्रतिशत हिस्सा है तथा बैंकों का भी राजनीतिक रूप से प्रभावशाली कंपनी में काफी निवेश है। रमेश ने सवाल किया, ''एलआईसी इतनी बड़ी धोखाधड़ी को कैसे नजरअंदाज कर सकती है, जबकि कंपनी में उसकी इतनी बड़ी हिस्सेदारी है? इससे यह सवाल उठता है कि क्या एलआईसी द्वारा इतनी बड़ी हिस्सेदारी का अधिग्रहण सरकारी तंत्र के निर्देशों के तहत किया गया था?''
