उन्नाव रेप केस में बड़ा मोड़: कुलदीप सिंह सेंगर ने हिरासत मौत मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार, 9 फरवरी को सुनवाई

punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 10:45 PM (IST)

नेशनल डेस्क: उन्नाव रेप केस के दोषी और पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शीर्ष अदालत इस याचिका पर सोमवार, 9 फरवरी 2026 को सुनवाई करेगी।

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने जनवरी 2026 में सेंगर की सजा निलंबन और जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने हिरासत में मौत के इस मामले में सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई थी।

हाई कोर्ट से झटका, अब सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद

कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। 18–19 जनवरी 2026 को हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि सेंगर पहले भी कई बार जमानत और सजा निलंबन की मांग कर चुके हैं और कोई नया कानूनी आधार सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने रेप केस में सेंगर को जमानत दी थी। लेकिन 29 दिसंबर 2025 को CBI की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी।

2018 से जेल में बंद हैं सेंगर

कुलदीप सिंह सेंगर 13 अप्रैल 2018 से जेल में हैं। वे दो अलग-अलग मामलों में सजा काट रहे हैं। नाबालिग से रेप मामले में आजीवन कारावास। पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में 10 साल की सजा।

क्या है पूरा मामला?

रेप केस

4 जून 2017 को पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने सेंगर के आवास पर बुलाया गया,वहां कथित रूप से उसके साथ दुष्कर्म किया गया। मामला उन्नाव के माखी थाने में दर्ज हुआ।

हिरासत में मौत का मामला

3 अप्रैल 2018 को पीड़िता का परिवार कोर्ट में पेशी के लिए उन्नाव पहुंचा। अगले दिन पिता को अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 9 अप्रैल 2018 को पुलिस हिरासत में गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई। अदालत ने इसे साजिशन हत्या मानते हुए सेंगर को दोषी ठहराया। इन दोनों मामलों की सुनवाई बाद में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में कराई गई थी।

9 फरवरी की सुनवाई पर टिकी निगाहें

देशभर में सुर्खियों में रहे इस मामले में अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की 9 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं। फिलहाल कुलदीप सिंह सेंगर जेल में ही रहेंगे और कोर्ट का फैसला आगे की कानूनी दिशा तय करेगा।


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Ramanjot

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