किरेन रिजिजू ने लोकसभा में पेश किया वक्फ संशोधन बिल, विपक्ष पर बोला हमला
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 12:39 PM (IST)

नेशनल डेस्क : केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आज यानि की 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ बिल पेश कर रहे हैं। इस बिल पर 8 घंटे तक चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस बिल पर अब तक सबसे अधिक लोगों की याचिकाएं आई हैं। 284 डेलिगेशन ने विभिन्न कमेटियों के सामने अपनी बात रखी, और 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने भी अपना पक्ष प्रस्तुत किया। इसके अलावा, पॉलिसी मेकर्स और विद्वानों ने भी इस बिल पर अपनी राय दी। रिजिजू ने कहा कि इस बिल के विरोध में सोच रखने वाले भी इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से देखेंगे और समर्थन करेंगे।
1913 में पहली बार पेश हुआ था बिल-
केंद्रीय मंत्री ने बिल को पेश करते हुए कहा कि पहले इसे असंवैधानिक या नियमविरुद्ध बताने वाले लोग गुमराह कर रहे हैं। जानकारी देते हुए बताया कि यह एक्ट पहली बार 1913 में पास किया गया। इसके बाद 1930 में इसे दोबारा लाया गया। आज़ादी के बाद 1954 में वक्फ एक्ट को आज़ाद भारत में लागू किया गया, जिसमें राज्य वक्फ बोर्ड का भी प्रावधान था। इसके बाद 1995 में इस एक्ट को व्यापक रूप से लागू किया गया था, और तब किसी ने इसे असंवैधानिक या नियमविरुद्ध नहीं कहा था।
रिजिजू का बयान-
रिजिजू ने कहा कि इस बार जो संशोधन लाया जा रहा है, वह बिल के उद्देश्य से मेल खाता है और इसमें कोई गलतफहमी पैदा करने की आवश्यकता नहीं है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने संसद भवन को भी वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया था। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार ने इसे डिनोटिफाई (संपत्ति से हटाना) कर दिया था। रिजिजू ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी की सरकार नहीं होती और हम इस संशोधन को लाने का कदम नहीं उठाते, तो जहां हम आज बैठे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति होती। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय और भी कई संपत्तियों को डिनोटिफाई किया जाता, लेकिन यह सब रिकॉर्ड में है और मैं जो कह रहा हूं, वह किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि तथ्य पर आधारित है।