Ketan Agarwal: क्या सिया और चेतन ने कर ली थी गुपचुप शादी? केतन अग्रवाल मर्डर केस में सामने आई वरमाला की नई तस्वीर
punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 09:40 AM (IST)
पुणे: पुणे के 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुणे पुलिस को जांच में एक बड़ा सुराग मिला है। जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि क्या आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने दिसंबर 2025 में राजस्थान में गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।
बता दें कि 18 जून को लोनावाला स्थित लोहागढ़ किले से धक्का देकर केतन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मंगेतर सिया गोयल, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और चेतन के दोस्त रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है।
तस्वीर में मिली फूलों की माला, मंदिर में नहीं मिला रिकॉर्ड
सूत्रों ने कहा कि नया मोड़ पुणे पुलिस द्वारा उनके मोबाइल फोन से हुई बातचीत का विश्लेषण करने के बाद आया है। सुराग के बाद, एक पुलिस टीम कथित विवाह की पुष्टि करने के लिए राजस्थान गई। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ताओं को ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला, जिससे यह पुष्टि हो कि दोनों ने प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में शादी की थी। दरअसल, पुलिस ने दोनों के मोबाइल से एक तस्वीर बरामद की है, जिसमें सिया और चेतन गले में फूलों की माला पहने नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इस फोटो को सबूत के तौर पर चार्जशीट में शामिल किया है।
जांच के अनुसार, दोनों आरोपी कुछ दोस्तों के साथ राजस्थान गए थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्होंने शुरू में पुणे से हवाई मार्ग से यात्रा करने की योजना बनाई थी, लेकिन उनकी उड़ान रद्द होने के बाद, वे ट्रेन से राजस्थान गए और ट्रेन से वापस लौट आए। जांचकर्ताओं ने यात्रा से संबंधित साक्ष्य बरामद किए हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन अक्टूबर 2025 से प्रेम संबंध में थे। हालांकि, सिया का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था, इसलिए उन्होंने सिया का रिश्ता बिजनेसमैन केतन अग्रवाल से तय कर दिया।19 फरवरी 2026 को केतन और सिया की सगाई हुई थी। उनकी शादी नवंबर 2026 में उदयपुर में होना तय हुआ था। केतन के परिजनों के अनुसार, सिया इस शादी से खुश नहीं थी और उसने विवाह को एक साल के लिए टालने की कोशिश भी की थी।
केतन की बहन संजना और परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि सिया बार-बार केतन पर लोहागढ़ किला घूमने का दबाव बना रही थी। सिया 31 मई को केतन को लोहागढ़ ले गई थी। इसके बाद 4 जून को दोबारा जाने की जिद्द की, लेकिन परिजनों ने रोक दिया। 14 जून को किले की यात्रा के दौरान सिया ने केतन को चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन केतन ने एक झाड़ी पकड़कर खुद को बचा लिया। उस वक्त सिया ने सांप आने का नाटक कर पूरी घटना को इस तरह दिखाया जैसे उसने केतन की जान बचाई हो। 14 जून के नाकाम प्रयास के बाद, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से 18 जून को केतन को दोबारा लोहागढ़ किले बुलाया और पहाड़ी से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन दोनों ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
