बेंगलुरु में फूड सेफ्टी का बड़ा अभियान, 30 टीमों ने 3-स्टार और 5-स्टार होटल-रेस्टोरेंट खंगाले
punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 08:16 AM (IST)
बेंगलुरु: फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के फूड सेफ्टी विंग ने बेंगलुरु के कई 3-स्टार और 5-स्टार होटलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई एक खास जांच अभियान के दौरान फूड सेफ्टी से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन का पता चलने के बाद की गई है। विभाग के अनुसार, 30 टीमों ने 26 होटलों की जांच की और लैब में जांच के लिए खाने के 35 सैंपल लिए। अधिकारियों ने गलत लेबलिंग, एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स, साफ-सफाई की कमी के साथ स्टोरेज और हैंडलिंग, सब्जियों पर फफूंद और शाकाहारी व मांसाहारी खाने की चीजों को अलग-अलग न रखने जैसी कमियां पाईं।
जांच के दौरान अधिकारियों को फूड सेफ्टी से जुड़े कई उल्लंघन मिले, जिनमें FSSAI की लेबलिंग जरूरतों का पालन न करना, गलत लेबलिंग और फूड प्रोडक्ट्स की गलत ब्रांडिंग, एक्सपायर्ड खाने की चीजों का स्टोरेज, और साफ-सफाई की कमी के साथ खाना रखने और स्टोर करने की स्थितियां शामिल थीं। नियमों के उल्लंघन के बाद, संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को नोटिस जारी किए गए हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों के तहत एडजुडिकेटिंग ऑफिसर के सामने कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अभियान के दौरान लिए गए खाने के सैंपल में चाय पाउडर, चिकन, मटन, मछली, खाने का तेल, मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, टोमैटो सॉस, नींबू का रस, चीज़, पापड़, काजू, अदरक, काली मिर्च पाउडर, मसाला पाउडर और दूध जैसी चीजें शामिल थीं। कर्नाटक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने बेंगलुरु और राज्य की अन्य प्रमुख जगहों पर होटलों, रेस्टोरेंट और फूड आउटलेट्स में अचानक जांच करने के लिए 30 खास टीमें बनाई थीं। यह कदम खराब खाने की क्वालिटी, साफ-सफाई की कमी और फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की शिकायतों में बढ़ोतरी के बाद उठाया गया।
यह जांच अभियान कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर के निर्देश पर शुरू किया गया था। विभाग को आम लोगों से कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें सोशल मीडिया पर की गई शिकायतें भी शामिल थीं। इन शिकायतों में अलग-अलग खाने की जगहों पर साफ-सफाई की कमी और घटिया क्वालिटी का खाना बेचने का आरोप लगाया गया था। यह ताजा कार्रवाई कर्नाटक में फूड सेफ्टी को लेकर लोगों की बढ़ती चिंता के बीच की गई है। पिछले कुछ महीनों में, सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कई वीडियो और पोस्ट में गोबी मंचूरियन, कबाब और दूसरे तैयार खाने की चीज़ों में साफ़-सफ़ाई की कमी, खाने को ठीक से न रखने और आर्टिफिशियल रंग के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं। इन शिकायतों के बाद विभाग ने नियमों को सख्ती से लागू करने के कदम उठाए हैं।
राज्य सरकार ने पिछले साल भी फ़ूड पॉइज़निंग और खाने की चीज़ों में आर्टिफिशियल रंग के इस्तेमाल की रिपोर्ट के बाद 'ऑपरेशन ईट राइट' के तहत इसी तरह का अभियान चलाया था। उस अभियान के दौरान, कई होटलों और खाने-पीने की जगहों की जांच की गई, नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए गए और फ़ूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का पालन न करने पर जुर्माना लगाया गया।
