इस राज्य की सरकार का बड़ा कदम, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के फोन इस्तेमाल करने पर लगेगा प्रतिबंध

punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 03:46 PM (IST)

नेशनल डेस्क : कर्नाटक सरकार 16 साल से कम उम्र के छात्रों के लिए स्कूल और कॉलेज में मोबाइल फोन इस्तेमाल पर रोक लगाने पर विचार कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सुझाव भी मांगे हैं।

मुख्यमंत्री की चिंता

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि आजकल बच्चों में सोशल मीडिया की लत बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कई छात्र सोशल मीडिया के कारण गलत संगति में पड़ रहे हैं और कभी-कभी नशे जैसी गतिविधियों की ओर भी आकर्षित हो जाते हैं।

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कुलपतियों के साथ हुई बैठक

सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जरूरत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों ने स्कूली छात्रों के बीच मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त नियम लागू किए हैं। कर्नाटक सरकार भी इस दिशा में कदम बढ़ाने पर विचार कर रही है। लेकिन यह प्रस्ताव केवल 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए होगा; बड़े या वयस्क छात्रों पर इसका कोई असर नहीं होगा।

प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य

सरकार का मानना है कि अगर कम उम्र के छात्रों के लिए मोबाइल फोन पर नियंत्रण लगाया जाए तो:

  • छात्र पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।
  • डिजिटल लत (सोशल मीडिया या मोबाइल की आदत) से बचाव होगा।
  • बच्चों का मानसिक और सामाजिक विकास बेहतर होगा।

आगे की प्रक्रिया

अभी तक यह सिर्फ एक प्रस्ताव है। अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों की राय लेगी। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो कर्नाटक उन राज्यों और देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां स्कूली छात्रों के लिए मोबाइल फोन पर पहले से सख्त नियम हैं।

यूरोप में हाल ही में जर्मनी की सरकार ने भी 16 साल से छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए जर्मनी एक नया ऐप भी तैयार करने की सोच रहा है, जो बच्चों के लिए उपयुक्त कंटेंट ही दिखाएगा।


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Content Editor

Mehak

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