गूगल मैपिंग करने पहुंचे कर्मचारी, कैमरा लगी गाड़ी देख गांववालों को हुआ शक, कर दिया गजब खेल

punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 06:50 PM (IST)

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के कानपुर में जियो-टैगिंग करने वाली एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। साढ़ इलाके के बिरहर महोलिया गांव में कंपनी के कर्मचारी अपनी गाड़ी लेकर गूगल मैपिंग के लिए आए थे। उनकी गाड़ी पर कैमरे और मशीनें लगी हुई थीं, जो गांव की गलियों और रास्तों की फोटो लेने के लिए इस्तेमाल हो रही थीं। गांव वालों ने इस अजीब सी गाड़ी को देखकर शक किया और उन्हें यह लगा कि ये लोग चोरी करने के लिए जानकारी जुटा रहे हैं। इस गलतफहमी के चलते ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया। यह मामला कानपुर के साढ़ इलाके का है, जहां गूगल मैपिंग टीम की यह परेशानी सामने आई है।

प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों की पिटाई
कानपुर के साढ़ इलाके के बिरहर महोलिया गांव में गूगल मैप बनाने पहुंचे प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों की ग्रामीणों ने पिटाई कर दी। कर्मचारी गांव की गलियों और रास्तों की तस्वीरें कैमरों के जरिए ले रहे थे ताकि गूगल मैप पर सही नक्शा तैयार किया जा सके। लेकिन गांव वालों को यह अजीब गाड़ी संदिग्ध लगी। पिछले समय में गांव में चोरी की घटनाओं के कारण ग्रामीण सतर्क और भयभीत थे, इसलिए उन्होंने समझा कि यह लोग चोरी के लिए जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। इस शक के चलते ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

गांव वालों ने समझा चोर और पीट डाला
ग्रामीणों ने गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। शुरुआत में कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच बहस हुई, लेकिन विवाद बढ़ने पर कर्मचारियों पर हमला कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों को समझाया कि ये कर्मचारी चोरी नहीं, बल्कि गूगल मैपिंग के लिए नक्शा तैयार कर रहे हैं। पुलिस की समझाने के बाद ग्रामीण शांत हो गए। पुलिस ने कर्मचारियों को भी सलाह दी है कि भविष्य में किसी भी गांव में काम शुरू करने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित जरूर करें, ताकि ऐसी गलतफहमियां न हों।


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Content Editor

Shubham Anand

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