'बिकिनी पहनकर भाई को राखी...', Kangana Ranaut का अब Kriti Sanon पर चढ़ा पारा, जानिए क्या है पूरा मामला ?
punjabkesari.in Tuesday, Aug 25, 2026 - 05:42 PM (IST)
मुंबई : अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने एक आभूषण ब्रांड के लिए अदाकारा कृति सैनन के नए विज्ञापन पर तंज कसते हुए मंगलवार को कहा कि यह विज्ञापन ''जानबूझकर असहज करने वाला'' लगता है। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि कोई लड़की अपने भाई को बिकिनी पहनकर राखी क्यों बांधेगी? सैनन के नए आभूषण विज्ञापन में उनकी बिना आस्तीन वाली पोशाक को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। कुछ लोगों ने इसे अश्लील करार दिया, जबकि कुछ ने कहा कि अभिनेत्री ने जो पहना है उसमें कुछ भी गलत नहीं है।

रनौत ने विवाद पर प्रतिक्रिया दी, हालांकि उन्होंने सैनन का नाम नहीं लिया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ''महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां तरह-तरह के कपड़ों से भरी हैं। आज की महिला वैश्विक महिला है- कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा-चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक।'' रनौत ने कहा, ''आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं, फिर आप अपनी बिकिनी/अंतर्वस्त्र में अपने भाई को राखी क्यों बांधोगी? आपके पास स्टाइल के सारे विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर असहज करने वाला लगता है।'' सैनन के विज्ञापन को लेकर सोमवार को सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई लोगों ने अभिनेत्री को ट्रोल किया। एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने लिखा, ''कृति सैनन ब्रा जैसा परिधान पहनकर राखी बांध रही हैं। पहले नग्नता इतनी आम नहीं थी।''
Rakshabandhan is one of the most pious and revered festival to celebrate the love and support that exists between a brother and a sister.
— Maj Manik M Jolly,SM (@Manik_M_Jolly) August 23, 2026
To sexualise sister in an ad depicting this festival, has an ideology written all over it. Forget covering head during tilak and Raakhi,… pic.twitter.com/f8mDfISJvp
एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, ''रचनात्मक स्वतंत्रता अच्छी बात है, लेकिन इससे परंपरा का मूल भाव नहीं बदलना चाहिए।'' कई लोगों ने अभिनेत्री का बचाव भी किया। एक उपयोगकर्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा, ''भारतीय पुरुष रक्षाबंधन के विज्ञापन में कृति सैनन के आधुनिक कपड़े पहनने से परेशान हो रहे हैं। काश, वे उन महिलाओं के लिए भी ऐसा ही आक्रोश दिखाते जो सामान्य कपड़े पहनने के बावजूद रोजाना भारतीय पुरुषों के हाथों बलात्कार का शिकार होती हैं और उन्हें न्याय नहीं मिलता।''
