फिल्म इंडस्ट्री में पसरा मातम: 'नदिया के पार' फेम दिग्गज एक्ट्रेस का निधन

punjabkesari.in Friday, Nov 14, 2025 - 02:43 PM (IST)

नेशनल डेस्क: भारतीय सिनेमा की धरोहर और पुराने जमाने की प्रतिष्ठित अभिनेत्री कामिनी कौशल अब हमारे बीच नहीं रहीं। 98 साल की उम्र में उनका निधन हो गया, जिससे भारतीय फिल्म जगत में एक युग का अंत हो गया है।  उनके परिवार के करीबी सूत्र ने बताया कि कामिनी कौशल का परिवार बेहद निजी था और उन्हें प्राइवेसी की ज़रूरत थी।

कामिनी कौशल ने भारतीय सिनेमा में अपने कदम 1946 में फिल्म ‘नीचा नगर’ से रखा था। यह फिल्म इतिहास में खास रही क्योंकि इसे पहले कान फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म का पुरस्कार मिला और यह पहली भारतीय फिल्म बनी जिसने पाल्मे डी’ओर पुरस्कार भी जीता। इस फिल्म के साथ कामिनी कौशल का नाम पहली भारतीय अभिनेत्री के रूप में अंतरराष्ट्रीय फिल्म मंच पर जुड़ गया।

कामिनी कौशल का जन्म लाहौर में 16 जनवरी 1927 को हुआ था। उन्होंने आजादी से पहले ही अपने करियर की शुरुआत की और जल्दी ही अपनी बहुमुखी प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत लिया।

फिल्मी सफर की बात करें तो उन्होंने हिंदी सिनेमा की कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया। इनमें ‘दो भाई’ (1947), ‘नदिया के पार’ (1948), ‘जिद्दी’ (1948), ‘शबनम’ (1949), ‘पारस’ (1949), ‘आदर्श’ (1949), ‘आरजू’ (1950), ‘झांझर’ (1953), ‘आबरू’ (1956), ‘बड़ी सरकार’ (1957), ‘जेलर’ (1958), ‘नाइट क्लब’ (1958) और ‘गोदान’ (1963) जैसी फिल्में शामिल हैं।

कामिनी कौशल की यादें और उनकी अभिनय प्रतिभा भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा जीवित रहेंगी। उनका योगदान न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा के मान को भी बढ़ाने वाला रहा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News