क्या भारत और ब्रिटेन की मैगी में है बड़ा अंतर? सोशल मीडिया पर वायरल दावे ने बढ़ाई चिंता
punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 10:47 PM (IST)
नेशनल डेस्कः सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें ब्रिटेन (UK) और भारत में बिकने वाली मैगी की तुलना की गई है। इस पोस्ट ने उपभोक्ताओं के बीच हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि इसमें दावा किया गया है कि ब्रिटेन में मिलने वाली मैगी भारतीय मैगी की तुलना में अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।
वायरल पोस्ट में क्या है दावा?
वायरल हो रही पोस्ट के अनुसार, ब्रिटेन की मैगी में सनफ्लावर ऑयल, कम सोडियम और विटामिन-मिनरल्स का उपयोग किया जाता है। इसके विपरीत, भारतीय मैगी पर आरोप लगाया गया है कि इसमें पाम ऑयल, अधिक सोडियम और कृत्रिम फ्लेवर मौजूद हैं, साथ ही इसमें सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) की भी कमी है। पोस्ट में यहां तक दावा किया गया है कि भारतीय मैगी "सीमित मात्रा में भी नुकसानदायक" है।
FSSAI in India 🤡 pic.twitter.com/OF0GwXiHwE
— v. Jatin (@JatinTweets_) July 15, 2026
क्या है इन दावों की सच्चाई?
हालांकि, इस वायरल पोस्ट में किए गए दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही पंजाब केसरी भी इसकी किसी भी तरह की कोई पुष्टि करता है। तस्वीर में साझा किए गए पोषण संबंधी आंकड़ों का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग देशों के स्थानीय नियमों, स्वाद और उपभोक्ताओं की पसंद के कारण खाद्य उत्पादों की सामग्री में बदलाव होना एक सामान्य प्रक्रिया है।
विशेषज्ञों की सलाह
खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी पैकेज्ड फूड की गुणवत्ता जानने का सबसे सही तरीका उसके पैकेट पर दिया गया 'न्यूट्रिशन लेबल' और सामग्री की सूची होती है। उपभोक्ताओं को किसी भी वायरल जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक तथ्यों की जांच करनी चाहिए।
यदि उपभोक्ताओं को उत्पाद की सुरक्षा या गुणवत्ता को लेकर कोई संदेह है, तो वे संबंधित कंपनी की आधिकारिक जानकारी या भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सहारा ले सकते हैं।
