सरकारी चावल सरकार को छह गुना ज़्यादा कीमत पर बेचा, 242 क्विंटल चावल की हेराफेरी की जांच शुरू

punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 04:03 PM (IST)

नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश में एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जो सरकारी सब्सिडी वाले चावल को प्राइवेट मिलों को सप्लाई करता था और फिर उसे ज़्यादा कीमत पर सरकार को वापस बेच देता था। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल रैकेट का भंडाफोड़ करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब Food Corporation of India (FCI) ने शिकायत दर्ज कराई कि छिंदवाड़ा में एक इथेनॉल यूनिट के लिए चावल की एक बड़ी खेप अपनी मंज़िल तक नहीं पहुंची।

बालाघाट राइस मिल में लापता ट्रक मिला

जांच के दौरान, पुलिस को लापता खेप बालाघाट के वाराशिवनी में संचेती राइस मिल के अंदर खड़ी मिली। नवीनगांव में FCI डिपो से निकले तीन ट्रकों में से एक को 242 क्विंटल चावल के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया, जबकि बाकी दो ट्रकों की तलाश जारी है।

सरकार से छह गुना ज़्यादा कीमत पर ठगी

SIT की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है। सब्सिडी वाला चावल पहले प्राइवेट मिलों को भेजा जाता है, फिर उसे रीप्रोसेस करके सरकारी एजेंसियों को बेच दिया जाता है। इस रीसाइक्लिंग की वजह से, सरकार अनजाने में उसी चावल के लिए चार से छह गुना ज़्यादा कीमत दे रही थी।

FIR दर्ज, चार गिरफ्तार

पुलिस ने AVJ एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के ऑथराइज़्ड रिप्रेज़ेंटेटिव राहुल प्रताप, ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेंडे और राइस मिल मालिक सौरभ संचेती के अलावा चार और लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का मानना ​​है कि यह तो बस शुरुआत है, जिसमें कई बड़े ट्रांसपोर्टर और कंपनियां शामिल हैं।


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News Editor

Radhika

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