जबलपुर क्रूज हादसा: मातम में बदलीं खुशियां, किनारे पर खड़े हादसा देखते रह गए बेबस मां- बाप, मासूस ने सुनाई हादसे की पूरी दास्तां
punjabkesari.in Saturday, May 02, 2026 - 05:02 PM (IST)
जबलपुर क्रूज हादसा: जबलपुर क्रूज हादसे से कई दिल दिहलाने वाली खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में एक इस क्रूज से एक और घटना सामने आई है। जबलपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करने वाले कामराज के परिवार के लिए बरगी डैम की सैर एक कभी न भूलने वाले जख्म में बदल गई। कामराज के पैतृक गांव तमिलनाडु से आए उनके 5 रिश्तेदार भी इस क्रूज हादसे का शिकार हो गए। हादसे के समय डैम के किनारे पर खड़े बुजुर्ग सास-ससुर बेबस होकर यह हादसा देख रहे थे।
मासूम ने सुनाई हादसे ही कहानी
इस क्रूज हादसे में कामराज के 10 साल के बेटे पुवीथरन ने एयरपोर्ट पर आपबीती सुनाते हुए बताया कि क्रूज पर कुल 7 सदस्य सवार थे। अचानक आए आंधी-तूफान के कारण क्रूज में पानी भरने लगा। बेटे के अनुसार क्रूज में जब पानी घुटनों से ऊपर पहुंच गया, तब लाइफ जैकेट बांटी गई। इसी बीच क्रूज के पायलट ने अपनी जान बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी, जिसके बाद चीख-पुकार मच गई। पुवीथरन और उसकी ममेरी बहन तमिलनिया (12 वर्ष) को लाइफ जैकेट मिलने के कारण बचाया जा सका।

हादसे में परिवार के सदस्यों की स्थिति
क्रूज हादसे में कामराज के बेटेपुवीथरन और साले की बेटी तमिलनिया बच गए हैं। कामराज की पत्नी और साले की पत्नी के शवों को वायुयान द्वारा तमिलनाडु भेजा जा रहा है। हालांकि हादसे में कामराज, उनके छोटे बेटे और साले का बेटा लापता है।
अंतिम विदाई की तैयारी
रांझी एसडीएम मोनिका बाघमारे ने जानकारी दी कि दोनों मृत महिलाओं के शवों को डुमना एयरपोर्ट (जबलपुर) से विमान के जरिए तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (तिर्ची) भेजा जा रहा है। वहां से सड़क मार्ग द्वारा उन्हें उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा। मासूम पुवीथरन अपनी मां के पार्थिव शरीर के साथ अंतिम सफर पर रवाना हुआ है।
