जम्मू की प्यास बुझाएगी चिनाब नदी! दशकों से रुकी परियोजना को उमर सरकार ने दी हरी झंडी
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 10:15 PM (IST)
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को विधानसभा में एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश सरकार सिंधु जल संधि (IWT) के वर्तमान में निलंबित होने का पूरा लाभ उठाने की योजना बना रही है। सरकार का लक्ष्य इसके जरिए दशकों से रुकी हुई जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को धरातल पर उतारना है। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों, विशेषकर पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने भविष्य की रणनीति साझा की।
प्रमुख घोषणाएं और परियोजनाएं:
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि सरकार दो बड़ी परियोजनाओं पर केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है:
1. चिनाब जल आपूर्ति परियोजना (अखनूर): जम्मू शहर की प्यास बुझाने के लिए चिनाब नदी से पानी लिफ्ट करने की योजना। पहले IWT की बंदिशों के कारण इसे मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
2. तुलबुल नेविगेशन बैराज (सोपोर): उत्तरी कश्मीर में झेलम नदी पर रुकी हुई इस परियोजना को फिर से शुरू किया जाएगा।

शाम लाल शर्मा की बात जताई सहमति
शाम लाल शर्मा की उस बात से सहमति जताते हुए कि "पानी की समस्या का अल्पकालिक समाधान जख्म पर बैंड-एड लगाने जैसा है", उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोत भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। उन्होंने जोर दिया कि सरकार अब अगले 30 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं बना रही है।

IWT का इतिहास और वर्तमान स्थिति
19 सितंबर 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच यह संधि हुई थी। इसके तहत रावी, ब्यास और सतलज का नियंत्रण भारत को, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब का नियंत्रण पाकिस्तान को मिला था। इस संधि के कारण जम्मू-कश्मीर अपनी नदियों के पानी का पूर्ण दोहन नहीं कर पाता था। यहाँ केवल 'रन-ऑफ-द-रिवर' (बहते पानी से बिजली) प्रोजेक्ट्स की ही अनुमति थी। पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था, जो फिलहाल जारी है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इन दोनों बड़ी परियोजनाओं को जल्द ही केंद्र से मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
