IMD ने जारी किया मानसून का पहला अनुमान, इस साल सामान्य होगी बारिश

2021-04-16T12:03:54.683

नेशनल डेस्क: भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) एक वेबिनार के जरिए दक्षिण पश्चिम मानसून का पहला दीर्घावधि पूर्वानुमान जारी कर रहा है।  आईएमडी के अनुसार इस बार बारिश समान्य से बेहतर होगी, जो देश के लिए अच्छी खबर है। जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहने वाले मानसून सीजन में कुल 98 फीसदी बारिश होने की संभावना है।

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दो बार अनुमान होता है जारी
विभाग मानसून से पहले दो बार अपने अनुमान जारी करता है, पहले अनुमान से एक तस्वीर साफ हो जाती है कि उस साल मानसून की देश में चाल क्या रहेगी। वहीं दूसरे अनुमान से मानसून को लेकर तस्वीर और ज्यादा साफ होती है।

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स्काइमेट ने ये जताया था अनुमान
मौसम संबंधी पूर्वानुमान व्यक्त करने वाली निजी एजेंसी ‘स्काइमेट वेदर' ने मंगलवार को कहा था कि जून से सितंबर के दौरान देश में 75 प्रतिशत से अधिक वर्षा का योगदान देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस साल सामान्य रहेगा। भौगोलिक जोखिम के आधार पर उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के कुछ हिस्सों के साथ उत्तरी भारत में इस मौसम में कम बारिश होने की भी आशंका है।

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जून से सितंबर के बीच 103 प्रतिशत वर्षा रहने का अनुमान
स्काइमेट के अनुसार जून से सितंबर के दौरान वर्षा का दीर्घावधि औसत (एलपीए) 103 प्रतिशत रहेगा। इसमें चूक की संभावना पांच प्रतिशत अधिक या कम की है। सामान्य' मानसून रहने की 60 प्रतिशत संभावना है और ‘सामान्य से ज्यादा' बारिश की 15 प्रतिशत संभावना है। स्काइमेट ने कहा कि मासिक आधार पर जून में 106 प्रतिशत वर्षा जबकि जुलाई में 97 प्रतिशत वर्षा की संभावना है। अगस्त और सितंबर में 99 प्रतिशत और 116 प्रतिशत बारिश का अनुमान है। दीर्घावधि औसत के हिसाब से 96-104 प्रतिशत के बीच मानसून को सामान्य माना जाता है और 103 प्रतिशत वर्षा सामान्य रेंज में सबसे अधिक औसत है।


Content Writer

vasudha

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