छत्तीसगढ़: SDM करुण डहरिया पर हत्या का केस! अवैध बॉक्साइट जांच के नाम पर मारपीट, बुजुर्ग की मौत – छत्तीसगढ़ में तनाव

punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 10:48 PM (IST)

नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दर्दनाक घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। कुसमी क्षेत्र में अवैध खनन की जांच के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों के साथ मारपीट का आरोप लगा है। इस घटना में 62 वर्षीय आदिवासी बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कुसमी के एसडीएम करुण कुमार डहरिया सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, कुसमी विकासखंड के हंसपुर गांव में अवैध बॉक्साइट खनन की शिकायत मिलने के बाद एसडीएम करुण कुमार डहरिया, सामरी के नायब तहसीलदार पारस शर्मा और अन्य कर्मचारी रविवार देर रात करीब 2 बजे सरकारी वाहनों से गांव पहुंचे। बताया जा रहा है कि इलाके में पहले से खनन को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

इसी दौरान खेतों से सिंचाई कर लौट रहे तीन ग्रामीण — रामनरेश राम (62), अजीत उमराव (60) और आकाश अगरिया (20) — को टीम ने रास्ते में रोका। आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट पूछताछ के उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल तीनों को कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रामनरेश राम को मृत घोषित कर दिया।

घायल आकाश अगरिया ने बताया कि वे खेत से लौट रहे थे, तभी 8-9 लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद एक सफेद बोलेरो पर “छत्तीसगढ़ शासन” और “SDM” लिखा हुआ था, जबकि एक काली थार गाड़ी भी वहां खड़ी थी।

पुलिस की कार्रवाई

घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एसडीएम करुण कुमार डहरिया समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

घटना के बाद कुसमी के शिव चौक पर सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए। लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

स्थानीय नेताओं और पूर्व विधायक ने भी घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक टीम ने अवैध खनन की आड़ में निर्दोष लोगों के साथ बर्बरता की।


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Ramanjot

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