IIT-कानपुर के पूर्व छात्र ने बनाया ‘नेचर बाक्स', कारोना से बचाव में हो सकता है मददगार

punjabkesari.in Thursday, Apr 30, 2020 - 07:24 PM (IST)

कानपुर : आईआईटी- कानपुर के एक पूर्व छात्र ने आईआईटी के दो वरिष्ठ प्राध्यापकों के साथ मिलकर नए किस्म का कचरे का डिब्बा यानी 'नेचर बाक्स स्मार्ट बिन सिस्टम' विकसित किया है जो कोविड-19 महामारी से बचाने में मददगार साबित हो सकता है। आईआईटी-कानपुर के पूर्व छात्र अमित सिंह चौहान ने कहा,'विशेष तौर पर डिजाइन किए गए इस कचरे के डिब्बे में जानवर, चिडिया और चूहे मुंह नहीं मार सकेंगे। सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से कचरे को छोड़ने के लिए डिब्बे का उपयोग इसका आवश्यक पहलू है हालांकि विभिन्न एजेंसियों के सभी प्रयासों के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के डिब्बे की उपलब्धता, प्रबंधन और निगरानी अब भी एक बड़ी चुनौती है।' 

चौहान ने बताया कि कूड़े के डिब्बे के खराब डिज़ाइन से स्थिति और भी भयावह हो जाती है जो अक्सर जानवरों, पक्षियों और चूहे के लिए सुलभ होता है। हवा के कारण आम डिब्बों से कूड़े के ढेर अक्सर इधर-उधर बिखर जाते हैं। अक्सर कचरे में जैविक रूप से दूषित या संक्रामक कचरा होता है, जिसमें वायरस सहित रोगजनक सूक्ष्मजीव शामिल हो सकते हैं। चौहान ने एक स्टार्ट-अप के द्वारा प्रोफेसर तरुण गुप्ता और प्रोफेसर सुमित कालरा के साथ मिलकर नया ‘नेचर बॉक्स- स्मार्ट बिन सिस्टम' बनाया है। उन्होंने बताया कि इस बॉक्स के मुंह में विशेष कोटिंग होती है जो प्लास्टिक या अन्य डिब्बे पर इसके जीवन की तुलना में कोरोना वायरस के जीवन को 95 प्रतिशत तक कम कर देती है। 

यह सुरक्षा स्तर को बढ़ाता है और अन्य उपयोगकर्ताओं और श्रमिकों को संक्रमण की संभावना कम करता है। चौहान ने बताया कि यह स्वदेशी डिजाइन वाले स्टील से बना है जो जानवरों को कूड़े तक पहुंचने से रोकता है। वे अपशिष्ट को हवा में फैलने से रोकने के साथ साथ अन्य अवांछित घुसपैठ की भी जांच करते हैं। इस के साथ साथ यह डिब्बे में एकत्र कचरे से बीमारियों के प्रसार को कम करता है। कूडेदान पर एक ‘डैशबोर्ड' है जो बताता है कि पिछली बार इसे कब साफ किया गया था और कूडेदान में भार कितना है और कब साफ करना है । इससे कूडेदान को समय पर साफ करने में मदद मिलती है । 

चौहान ने बताया कि अन्य पारंपरिक डिब्बे की तुलना में नेचर बॉक्स में लंबे समय तक काम करने वाला जीवन है। वे न केवल मजबूत और टिकाऊ हैं, बल्कि आसपास के सौंदर्य को भी बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती लागत को कम करने के लिए डिज़ाइन किए गए सिस्टम को मौजूदा डिब्बे के बुनियादी ढांचे के साथ भी फिट किया जा सकता है। चौहान ने बतया कि यह हर जगह के लिए उपयोगी है, जहां कहीं भी कूड़े के डिब्बे की जरूरत होती है। हालांकि मौजूदा संकट के समय हम वर्तमान में अस्पतालों, नगर निगम क्षेत्रों और कोविड-19 के जोखिम वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।


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shukdev

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