Heart attack: हीमोग्लोबिन की कमी बढ़ा सकती है हार्ट अटैक का खतरा, नई स्टडी में हुआ खुलासा, जानिए बचाव के उपाय
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 07:18 PM (IST)
नेशनल डेस्कः शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया की समस्या होती है, लेकिन यह कमी सिर्फ थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं रहती. खासतौर पर हार्ट से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह गंभीर और जानलेवा साबित हो सकती है। हीमोग्लोबिन का मुख्य काम शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाना होता है। जब शरीर में इसका स्तर कम हो जाता है, तो अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है, क्योंकि कम ऑक्सीजन की भरपाई के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
स्टडी में क्या सामने आया
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा मेडिकल स्कूल की एक नई रिसर्च में बताया गया है कि कम हीमोग्लोबिन दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों और हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकता है। रिसर्च के मुताबिक, सामान्य लोगों की तुलना में हार्ट फेल्योर के मरीजों में एनीमिया की समस्या ज्यादा पाई जाती है।
रिसर्च में करीब 10 हजार ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिनमें हीमोग्लोबिन का स्तर कम था और वे पहले से हार्ट की बीमारी से पीड़ित थे। अध्ययन में पाया गया कि कम हीमोग्लोबिन की वजह से दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट की नसें कमजोर हो सकती हैं और हार्ट फंक्शन पर नकारात्मक असर पड़ता है।
हार्ट पर पड़ने वाला असर
स्टडी के अनुसार, हीमोग्लोबिन की कमी होने पर मरीज को सांस फूलना, अत्यधिक थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो हार्ट फेल्योर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
मौत का बढ़ता खतरा
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर और हार्ट फेल्योर प्रोग्राम के डायरेक्टर डॉ. इंदर एस. आनंद के मुताबिक, जिन मरीजों को हार्ट फेल्योर के साथ एनीमिया भी होता है, उनमें मौत का खतरा काफी बढ़ जाता है।
रिसर्च में बताया गया है कि हार्ट के मरीजों में एनीमिया होने पर मौत का जोखिम लगभग 30 फीसदी तक और अस्पताल में भर्ती होने का खतरा करीब 40 फीसदी तक बढ़ सकता है. हालांकि यह जोखिम हर मरीज में समान नहीं होता, लेकिन फिर भी हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखना बेहद जरूरी है।
कितना होना चाहिए हीमोग्लोबिन
- महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर 12 g/dL से कम नहीं होना चाहिए
- पुरुषों में हीमोग्लोबिन का स्तर 13 g/dL से कम नहीं होना चाहिए
बचाव के लिए क्या करें
- समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जांच कराएं
- आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 की कमी को दूर करें
- डॉक्टर की सलाह पर आयरन सप्लीमेंट या दवाएं लें
- संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें
