महंगाई पर भारी पड़ा धनतेरस का उत्साह, देशभर में 1.25 लाख करोड़ रुपए की खरीदारी का अनुमान
punjabkesari.in Friday, Nov 06, 2026 - 11:34 PM (IST)
नई दिल्ली : इस साल धनतेरस के अवसर पर देशभर के बाजारों में जबर्दस्त खरीदारी देखने को मिली है। सोने-चांदी से लेकर कार, बाइक, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स तक लगभग हर सेक्टर में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी है। व्यापारियों के प्रमुख संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक, इस बार धनतेरस पर देशभर में कुल कारोबार 1.25 लाख करोड़ रुपए के पार रहने का अनुमान है। इसमें अकेले सोने और चांदी का कारोबार 66 हजार करोड़ रुपए से अधिक रहने की उम्मीद जताई गई है।
सोने-चांदी की रिकॉर्ड कीमतें भी नहीं डिगा सकीं ग्राहकों का उत्साह
इस साल धनतेरस के दिन सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर दर्ज की गईं। धनतेरस के दिन सोने का भाव करीब 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि इससे पहले इसकी कीमत लगभग 1.30 लाख रुपए थी। इसी तरह चांदी का भाव करीब 1.90 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, जो पहले लगभग 1.70 लाख रुपए था।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के अनुसार, धनतेरस से पहले ही देशभर के ज्वेलरी बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। कीमतें बढ़ने के बावजूद लोगों ने खरीदारी में भारी रुचि दिखाई। इस दौरान बाजार में हल्के वजन के गहनों, पारंपरिक आभूषणों और चांदी के सिक्कों की मांग सबसे अधिक रही।
दिल्ली में ₹10 हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार; रत्न-आभूषण का आयात-निर्यात भी मजबूत
देश के अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के बाजारों में जबर्दस्त बिक्री देखने को मिली। अकेले दिल्ली के बुलियन बाजार में ही 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने का अनुमान जताया गया है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि धनतेरस ने एक बार फिर देश के पारंपरिक बाजारों की अंतर्निहित ताकत को साबित किया है।
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) के दौरान रत्न और आभूषण व्यापार में भी मजबूत गतिविधियां देखने को मिलीं। इस अवधि में सोने के आयात पर करीब 1,82,995 करोड़ रुपए और चांदी के आयात पर 22,923 करोड़ रुपए खर्च हुए। वहीं, तैयार सोने के आभूषणों का निर्यात 59,266 करोड़ रुपए और चांदी के आभूषणों का निर्यात 6,909 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।
बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और गाड़ियों के शोरूम पर टूटे ग्राहक
बदलते दौर के साथ धनतेरस पर खरीदारी का दायरा केवल सोने-चांदी और बर्तनों तक सीमित नहीं रहा है। इस दिन लोगों ने बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट, टीवी, फ्रिज और अन्य घरेलू उपकरणों की भी जमकर खरीदारी की। इसके अलावा कार और बाइक के शोरूमों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार लोगों ने तांबे, चांदी और स्टील के बर्तन खरीदे, जबकि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की पुरानी परंपरा का भी उत्साहपूर्वक पालन किया गया।
GST दरों में कटौती और स्वदेशी मुहिम का दिखा बड़ा असर
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक, इस बार त्योहारी खरीदारी बढ़ने के पीछे जीएसटी दरों में कटौती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की मुहिम की अहम भूमिका रही है। ग्राहक अब भारतीय कंपनियों के उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसका सीधा लाभ देश के छोटे कारोबारियों, स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों और लघु उद्योगों को मिल रहा है।
खरीदारी की यह रौनक केवल बड़े मॉल तक सीमित न रहकर पारंपरिक बाजारों, ज्वेलरी दुकानों, ऑटोमोबाइल शोरूम और इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स में भी देखने को मिली। कारोबारियों का मानना है कि 1.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक का यह रिकॉर्ड कारोबार देश के घरेलू बाजार में बढ़ते उपभोक्ता भरोसे और क्रय क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
