Karnataka: H1N1 का बढ़ा कहर- 4,000 से ज्यादा मामले सामने आए, जानें बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें
punjabkesari.in Saturday, Aug 29, 2026 - 05:54 PM (IST)
बेंगलुरू: कर्नाटक में H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह मॉनसून के मौसम में होने वाली एक सामान्य मौसमी प्रक्रिया है। एडवाइज़री के अनुसार, राज्य में हर साल इन्फ्लूएंजा के मामले दो बार पीक पर होते हैं - जनवरी से मार्च और जुलाई से सितंबर के बीच।
4,000 से ज़्यादा मामले सामने आए
आंकड़ों के अनुसार, दक्षिणी राज्य में 22 अगस्त, 2026 तक 32 ज़िलों में इन्फ्लूएंजा-पॉज़िटिव के 4,212 मामले सामने आए हैं। पिछले सालों में इसी अवधि के दौरान 2025 में 4,583 मामले और 2024 में 3,903 मामले दर्ज किए गए थे।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अस्पतालों में पर्याप्त बेड, जांच की सुविधा और आवश्यक दवा 'ओसेल्टामिविर' (Oseltamivir) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी देश भर में इन्फ्लूएंजा की स्थिति की समीक्षा की है और सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
-खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से ढकें।
-साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
-शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पिएं।
-लक्षण (बुखार, खांसी) दिखाई देने पर खुद को आइसोलेट करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
क्या न करें:
-बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा (Self-medication) न लें।
-बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
-बीमारी के दौरान दूसरों से हाथ मिलाने और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
-एक बार इस्तेमाल किए गए टिशू या नैपकिन का दोबारा प्रयोग न करें।
H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं
इस बीच, इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कहा है कि H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है और घबराने की कोई बात नहीं है।
