पालघर में समुद्र ''उबल'' रहा है! गुजरात तट पर उठ रहे रहस्यमयी बुलबुले, मछुआरों में दहशत
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 09:38 PM (IST)
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के पालघर जिले में प्रशासन और मछुआरे अलर्ट मोड पर हैं। गुजरात तट के पास समुद्र के बड़े हिस्से में अचानक तेज उथल-पुथल और बुलबुले उठते देखे गए हैं। हालात ऐसे दिख रहे हैं, जैसे समुद्र का पानी उबल रहा हो। स्थानीय मछुआरों द्वारा बनाए गए वीडियो सामने आने के बाद अफरा-तफरी मच गई। वीडियो में समुद्र की सतह पर बड़े-बड़े हिस्से भयावह तरीके से हिलते नजर आ रहे हैं। इस असामान्य घटना को लेकर आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने तुरंत जांच की मांग की है।
प्रशासन अलर्ट, जांच शुरू
पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह स्थिति सामान्य नहीं है और इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जिस इलाके में यह हलचल दिखी है, वह व्यस्त समुद्री रास्तों और मछली पकड़ने वाले क्षेत्रों के बेहद करीब है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
सरकार ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) की एक टीम को मौके पर भेजा गया है ताकि समुद्र के अंदर हो रही गतिविधियों की जांच की जा सके।
क्या हो सकती है वजह?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस घटना के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—
- समुद्र की तलहटी से मीथेन गैस का रिसाव
- समुद्र के अंदर भूगर्भीय हलचल
- तेल या गैस पाइपलाइन में लीकेज (मुंबई हाई क्षेत्र के पास होने की आशंका)
गुजरात का तट अरब सागर के ऐसे हिस्से में आता है जहां भूगर्भीय गतिविधियां पहले भी देखी गई हैं। बढ़ते समुद्री तापमान के कारण भी समुद्र के नीचे जमी गैस के बाहर आने की आशंका जताई जा रही है।
कोस्ट गार्ड और ONGC भी जांच में शामिल
पालघर प्रशासन ने भारतीय तटरक्षक बल, राष्ट्रीय महासागर विज्ञान संस्थान और ONGC के साथ समन्वय शुरू कर दिया है। विशेष सर्वे जहाजों को सोनार और गैस सेंसर के साथ इलाके में भेजा जाएगा।
मछुआरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे प्रभावित इलाकों से दूर रहें। समुद्री जहाजों को भी वैकल्पिक रास्तों से जाने की सलाह दी गई है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
दुनिया के अन्य हिस्सों में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। साल 2024 में नॉर्थ सी में समुद्र के भीतर गैस रिसाव से इसी तरह के बुलबुले देखे गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भारत के समुद्री क्षेत्र की निगरानी व्यवस्था में सुधार की जरूरत को भी उजागर करती है। फिलहाल पानी के सैंपल लेकर जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि इसमें मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड या कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें मौजूद हैं या नहीं।
