UPI यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी: अब बिना बैलेंस के भी कर सकेंगे भुगतान, जानें क्या है पूरा प्रोसेस
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 12:02 PM (IST)
नेशनल डेस्क: डिजिटल इंडिया के दौर में UPI पेमेंट लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। आज चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल तक, हर जगह UPI के जरिए भुगतान किया जा रहा है। बैंक अकाउंट और इंटरनेट कनेक्शन होने पर UPI से पैसे भेजना या पेमेंट करना बेहद आसान हो जाता है। कुछ ही सेकंड में बिना किसी कागजी प्रक्रिया के ट्रांजैक्शन पूरा हो जाता है।
हालांकि ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि UPI से पेमेंट करने के लिए बैंक अकाउंट में बैलेंस होना जरूरी है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अगर आपके अकाउंट में पैसे नहीं हैं, तब भी आप UPI के जरिए भुगतान कर सकते हैं। दरअसल, UPI ऐप्स में एक खास सुविधा दी जा रही है, जिसे ‘क्रेडिट लाइन’ कहा जाता है। यह सुविधा क्रेडिट कार्ड की तरह काम करती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत पेमेंट करने में मदद करती है।
कौन-कौन सा बैंक दे रहा ये सर्विस?
क्रेडिट लाइन के जरिए यूजर बिना अकाउंट बैलेंस के भी QR कोड स्कैन कर सकते हैं या UPI पिन डालकर ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इस सुविधा में बैंक पहले से तय एक लिमिट के तहत यूजर को पैसे इस्तेमाल करने की अनुमति देता है। बाद में यूजर को तय समय के भीतर यह राशि बैंक को वापस करनी होती है।
फिलहाल कई बड़े बैंक अपने ग्राहकों को UPI के जरिए क्रेडिट लाइन की सुविधा दे रहे हैं। इनमें एक्सिस बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक और इंडियन बैंक जैसे प्राइवेट बैंक शामिल हैं। वहीं सरकारी बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB भी यह सुविधा उपलब्ध करा रहा है। चूंकि यह एक तरह का लोन होता है, इसलिए बैंक इस पर ब्याज भी लेते हैं। अधिकतर बैंक ट्रांजैक्शन के साथ ही ब्याज जोड़ना शुरू कर देते हैं, जबकि कुछ बैंक महीने के अंत से ब्याज लागू करते हैं।
जानें क्या है प्रॉसेस?
इस सुविधा को एक्टिवेट करने के लिए यूजर को अपने UPI ऐप में जाकर क्रेडिट लाइन का विकल्प खोजना होता है। इसके बाद बैंक चुनकर आधार के जरिए पहचान सत्यापन करना पड़ता है। वेरिफिकेशन पूरा होने पर UPI पिन सेट किया जाता है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, पेमेंट करते समय सेविंग अकाउंट की जगह क्रेडिट लाइन का विकल्प चुनकर आसानी से भुगतान किया जा सकता है। क्रेडिट लाइन के जरिए UPI पेमेंट करने की लिमिट आमतौर पर 2,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये तक होती है। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है और अकाउंट में बैलेंस नहीं होता।
