जनगणना को लेकर सरकार की मंशा संदिग्ध, विषय-वस्तु अनावश्यक: कांग्रेस
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 12:38 PM (IST)
नई दिल्लीः कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि जनगणना 2027 को लेकर सरकार की मंशा ''बहुत संदिग्ध'' है तथा इसमें शामिल कुछ विषय-वस्तु ''निरर्थक, अनावश्यक और घातक'' हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक खबर का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
इस खबर में कहा गया है कि सरकार ने चुनावी राज्यों में जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण को पहले करने का फैसला किया है और जनगणना कार्यक्रम में कई नए सवाल शामिल किए हैं। इससे जनगणना के कुछ पूर्व अधिकारियों ने एकत्र किए जाने वाले आंकड़ों की गुणवत्ता तथा जनगणना, राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और अंततः राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के बीच संभावित संबंधों को लेकर चिंता जताई है।
रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, ''जनगणना 2027 पूरी तरह विकृत हो गई है।'' कांग्रेस महासचिव ने कहा, ''इसकी मंशा बहुत संदिग्ध है और विषय-वस्तु कभी निरर्थक (जैसे जाति संबंधी सवाल के संदर्भ में), कभी अनावश्यक है क्योंकि उसका आंकड़ा पहले से उपलब्ध है (जैसे टीकाकरण) और कभी घातक है (जैसे किसी व्यक्ति के माता-पिता के नाम, धर्म और जन्म स्थान आदि)।'' कांग्रेस ने बुधवार को भी आरोप लगाया था कि मौजूदा जाति जनगणना में 'ड्रॉप-डाउन सूची' के बजाय खुले विकल्प वाले सवालों का इस्तेमाल करना ''बहुत गंभीर खामी'' है और ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया ''विफल'' हो जाए।
जनगणना में 'ड्रॉप-डाउन सूची' का अर्थ पहले से निर्धारित विकल्पों की सूची से है, जिसमें व्यक्ति या गणनाकार को अपनी तरफ से कुछ टाइप या लिखना नहीं पड़ता, बल्कि तयशुदा प्रमाणित नामों में से सही विकल्प चुनना होता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जाति जनगणना के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को संयुक्त रूप से पत्र लिखा था। इसमें पार्टी की प्रमुख मांग जाति जनगणना को उचित तरीके से कराने की थी। दोनों नेताओं ने 20 अगस्त को लिखे पत्र में जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां जताई थीं।
