सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चलाया, बहाली के लिए संघर्ष जारी : कांग्रेस
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 06:10 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना पर बुलडोजर चलाने का आरोप लगाया और लोगों से अपने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' में शामिल होने का आग्रह किया। कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' को काम, मजदूरी और जवाबदेही के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए एक राष्ट्रव्यापी संघर्ष करार दिया। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' देशभर की 25 लाख ग्राम पंचायतों और करोड़ों लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने हिंदी में ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सरकार ने मनरेगा योजना को कुचल दिया है, जो भारत में करोड़ों लोगों के लिए जीवन रेखा बन चुकी है। यह राष्ट्रव्यापी संघर्ष इसी के खिलाफ है, काम, मजदूरी और जवाबदेही के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए है।''
उन्होंने लोगों से इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया। रमेश ने पोस्ट में एक लिंक साझा किया जिसके माध्यम से लोग ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' में शामिल हो सकते हैं। अभियान में शामिल होने वाले लोग पोर्टल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी जाने वाली एक याचिका पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। याचिका में लिखा है, ‘‘हम मनरेगा में हाल ही में किए गए उन बदलावों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हैं, जिनसे गारंटीशुदा रोजगार और ग्रामीण सशक्तिकरण के इसके मूल वादे को कमजोर किया जा रहा है। मनरेगा करोड़ों परिवारों का संवैधानिक श्रम अधिकार है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। हमारी मांगें हैं: काम की गारंटी बहाल की जाए; न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन की जाए; पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाया जाए, हम मनरेगा में निहित भावना और उसके उद्देश्य की रक्षा के लिए आपके तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह करते हैं।''

एआईसीसी के महासचिवों, राज्य प्रभारी, सचिवों और संयुक्त सचिवों के साथ-साथ अन्य प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारियों को जारी एक पत्र में कांग्रेस के महासचिव और संगठन प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत आयोजित विभिन्न गतिविधियों के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उपयोग किए जा सकने वाले नारों की एक सूची साझा की है। इसके अलावा उन्होंने ‘काम मांगो अभियान' पर निर्देश और मनरेगा पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी का एक वीडियो बयान साझा किया है। वेणुगोपाल ने 12 जनवरी को अपने पत्र में कहा, ‘‘संग्राम के अंतर्गत आयोजित ग्राम स्तरीय गतिविधियों के दौरान इसे सभी मनरेगा श्रमिकों को दिखाया जाना है।'' उन्होंने कहा कि इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र शीघ्र ही साझा किया जाएगा। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘सभी प्रभारियों से अनुरोध है कि वे इस पत्र का अपनी स्थानीय भाषा में अनुवाद कराएं और इन पत्रों की सामूहिक छपाई की व्यवस्था करें, जिन्हें ग्राम पंचायत प्रधानों, मनरेगा के लाभार्थियों, रोजगार सहायकों, मनरेगा श्रमिकों और पूर्व प्रधानों को वितरित किया जाना है।''
‘काम मांगो अभियान' के अंतर्गत कांग्रेस ने अपने पदाधिकारियों से आग्रह किया है कि वे कम से कम 10 ऐसे श्रमिकों को एकत्रित करें जिनके पास रोजगार कार्ड हैं और जिन्हें काम की आवश्यकता है, ताकि वे अपने रोजगार कार्ड के साथ ग्राम पंचायत कार्यालयों में जा सकें। काम मांगने के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताते हुए पार्टी ने यह भी निर्देश दिया कि यदि 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो श्रमिकों को ब्लॉक या प्रखंड स्तर पर बेरोजगारी भत्ते के लिए सामूहिक आवेदन जमा करना चाहिए, जिसमें रसीदों की प्रतियां संलग्न हों और आवेदन की रसीद प्राप्त करनी चाहिए। विपक्षी दल ने ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण' (वीबी-जी रामजी) अधिनियम को वापस लेने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को एक अधिकार-आधारित कानून (काम के अधिकार और पंचायतों के अधिकार समेत) को बहाल करने की मांग को लेकर 10 जनवरी से 25 फरवरी तक राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' की घोषणा की है। वीबी-जी राम जी विधेयक पिछले साल दिसंबर में समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया गया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन गया। कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम' की देखरेख और निगरानी के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया है, जिसके संयोजक अजय माकन हैं और वरिष्ठ नेता रमेश, संदीप दीक्षित और प्रियांक खरगे इस समिति के सदस्य हैं।
