राजस्थान सरकार दे रही बेटियों को 1.5 लाख रुपये, जानें आसान आवेदन प्रक्रिया

punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 12:33 PM (IST)

जयपुर: बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी पढ़ाई को बिना रुकावट जारी रखना और परिवार पर आर्थिक बोझ कम करना है।

योजना की खासियत
लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य सरकार बेटियों को जन्म से 21 साल की उम्र तक कुल 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग उम्र और शिक्षा के पड़ावों पर सीधी बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दी जाती है।

इस योजना की शुरुआत 2024 में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने की थी। पहले इसे मुख्यमंत्री राजश्री योजना के नाम से जाना जाता था। बाद में इसे और बेहतर बनाकर लाडो प्रोत्साहन योजना का नाम दिया गया और आर्थिक सहायता राशि को 1.5 लाख रुपये तक बढ़ाया गया।

किस्तों में मिलने वाली राशि
बेटियों को योजना के तहत सात चरणों में राशि दी जाती है:

  • जन्म के समय: 5,000 रुपये

  • 1 वर्ष की उम्र और टीकाकरण के बाद: 5,000 रुपये

  • कक्षा 1 में प्रवेश: 10,000 रुपये

  • कक्षा 6 में प्रवेश: 15,000 रुपये

  • कक्षा 10 में प्रवेश: 20,000 रुपये

  • कक्षा 12 में प्रवेश: 25,000 रुपये

  • ग्रेजुएशन पूरा होने और 21 वर्ष की उम्र पर: 70,000 रुपये

इस तरह बेटी को उसकी पढ़ाई पूरी होने तक कुल 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उसके बैंक खाते में मिलती है।

राजश्री योजना से लाडो प्रोत्साहन योजना तक का सफर
पहले मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत बेटियों को लगभग 50,000 रुपये की सहायता मिलती थी। 2024 में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने योजना का नाम बदलकर लाडो प्रोत्साहन योजना किया, राशि बढ़ाई और इसे और अधिक लाभकारी बनाया। महिला दिवस के अवसर पर इसे और बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये किया गया।

लाडो प्रोत्साहन योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया

  1. सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाली बच्ची का विवरण PCTS पोर्टल पर अपने-आप दर्ज हो जाता है।

  2. माता-पिता को SSO पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है।

  3. लॉगिन करने के बाद लाडो प्रोत्साहन योजना का आवेदन फॉर्म भरना होता है।

  4. जरूरी दस्तावेज: बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, राजस्थान का निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाते की जानकारी।

  5. फॉर्म जमा करने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है।

  6. सत्यापन पूरा होने के बाद पहली किस्त सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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