Girls Dropout Rate: कक्षा 9-10 में लड़कियां छोड़ रही हैं स्कूल, 2025 में दर गिरी, लद्दाख टॉप पर

punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 12:09 PM (IST)

Girls Dropout Rate : देश में लड़कियों की पढ़ाई बीच में छूटने का सबसे बड़ा संकट कक्षा 9 और 10 में दिख रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों की दर भले ही घटी है लेकिन अब भी यह बाकी सभी स्तरों से सबसे ज्यादा है। शिक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी लोकसभा में दी। 

मंत्री जयंत चौधरी ने सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के सवाल के जवाब में यूडीआईएसई के आंकड़े बताए। आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में माध्यमिक स्कूल में दाखिला लेने वाली हर 100 लड़कियों में से 8 लड़कियां 10वीं से पहले ही पढ़ाई छोड़ दे रही हैं।

यह दर 2023-24 में 12.6% थी और 2024-25 में 9.6% थी। यानी 3 साल में गिरावट आई है और यह अब तक का सबसे निचला स्तर है लेकिन प्राथमिक और उच्च प्राथमिक से तुलना करें तो फर्क बहुत बड़ा है। प्राथमिक में स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों की दर सिर्फ 0.1% है और उच्च प्राथमिक में 3.4% है। इसका मतलब माध्यमिक की दर प्राथमिक से करीब 80 गुना ज्यादा है। 

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जानें क्यों छोड़ रही हैं लड़कियां स्कूल?

सरकार ने PLFS 2023-24 सर्वे का हवाला दिया। इसके मुताबिक ज्यादातर लड़कियां 3 वजहों से पढ़ाई छोड़ती हैं? घर की आय बढ़ाने के लिए काम करना घर के कामों में मदद करना माता-पिता को आगे पढ़ाई जरूरी न लगना। ठीक इसी उम्र में लड़कियां किशोर होती हैं और शादी, काम या पढ़ाई में से चुनाव करना पड़ता है।

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किस राज्य में हालात सबसे खराब?

राज्यवार आंकड़े बताते हैं कि समस्या सिर्फ गरीबी से नहीं जुड़ी है। 
लद्दाख: 15.6% - सबसे ज्यादा 
असम: 13.9% 
कर्नाटक: 13.9% 
गुजरात: 13.3% 
अरुणाचल प्रदेश: 12.4% 
नगालैंड: 12.4%

वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों की दूरी, सुरक्षा की चिंता और कम उम्र में शादी जैसे कारण भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।सरकार का कहना है कि दर घटी है जो अच्छी बात है लेकिन माध्यमिक स्तर पर लड़कियों को स्कूल में रोकना अब भी फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।


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Content Editor

Rohini Oberoi