ध्रुव राठी के विवादित वीडियो पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त रुख, GAC को 15 दिनों में फैसला लेने का आदेश दिया
punjabkesari.in Friday, Jul 03, 2026 - 02:23 PM (IST)
नेशनल डेस्क: दिल्ली हाईकोर्ट ने मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक बेहद संवेदनशील और विवादित वीडियो को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार की Grievance Appellate Committee - GAC देते हुए इस वीडियो को इंटरनेट से रिमूव करने की बात कही है। हाई कोर्ट ने कड़े शब्दों कहा है कि इस आदेश की अनदेखी को अदालत की अवमानना के तौर पर बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। आइए जानते हैं क्या है पूरा विवाद
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल यह मामला 21 मार्च को यूट्यूब पर अपलोड की गई वीडियो 'क्या हिंदू बीफ खा सकते हैं? केरल स्टोरी 2 का पर्दाफाश' से जुड़ा है। इस वीडियो को लेकर एडवोकेट अमिता सचदेवा द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि ध्रुव राठी ने वीडियो में सनातन धर्म के आराध्य भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। याचिका के अनुसार, वीडियो में कथित तौर पर दावा किया गया है कि वे मांस और मदिरा का सेवन करते थे, जिससे देश-विदेश के करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं आहत हुई हैं।
अदालत में केंद्र सरकार का पक्ष
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे ASG चेतन शर्मा ने वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताया है। ASG ने तर्क देते हुए कहा कि यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म को ऐसे आपत्तिजनक और नफरत फैलाने वाले कंटेंट को खुद ही हटा दिया जाना चाहिए था। उन्होंने डिमांड रखी है कि इसे या तो गूगल से हटाया जाए या फिर इसके खिलाफ कोर्ट उचित आदेश जारी करे।
क्या है वर्तमान स्थिति
दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल वीडियो को तुरंत हटाने पर खुद कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अदालत ने इसकी पूरी जिम्मेदारी GAC को सौंप दी है, जिसकी रिपोर्ट अगले 15 दिनों में आनी अनिवार्य है। अब सबकी निगाहें समिति के आगामी फैसले पर टिकी हैं।
