बैंक से फर्जी दस्तावेजों के जरिए 20 लाख रुपए का ऋण लेने वाले चार लोग गिरफ्तार

2021-07-22T16:43:03.86

नेशनल डेस्क: पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी इलाके में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक से 20 लाख रुपए का कार ऋण लेने के आरोप में एक गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान राजीव (32), शक्ति रावल (32), अजहर खान (32) और रवि शर्मा (27) के रूप में की गई है। पुलिस ने बताया कि कार ऋण शक्ति के नाम पर लिया गया जबकि राजीव ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। राजीव और अजहर इससे पहले भी राजधानी में बैंक धोखाधड़ी के करीब 12 मामलों में शामिल रहे हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा, पश्चिमी दिल्ली के सहायक महाप्रबंधक ने इस वर्ष अप्रैल में विकासपुरी थाने में इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। बैंक के सहायक महाप्रबंधक के मुताबिक जांच में पता चला कि कार ऋण लेने के लिए आरोपियों की ओर से आवास और कार्यालय के पते संबंधी जो दस्तावेज जमा कराए गए थे, वे सभी फर्जी हैं। बैंक अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा कि आरोपियों ने फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर उनकी विकासपुरी शाखा से 20 लाख रुपए का कार ऋण लिया था।

इस मामले की जांच के लिए विकासपुरी थाना के प्रभारी निरीक्षक महिंदर सिंह दहिया के नेतृत्व में उप-निरीक्षक (एसआई) विकास साहू, हवलदार पवन और सिपाही संदीप की टीम गठित की गई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘बैंक ने आरोपियों के आयकर रिटर्न और अन्य आवासीय और कार्यालय संबंधी दस्तावेजों के आधार पर ऋण मंजूर किया था। जांच के दौरान, हमने पाया कि आरोपियों की ओर से जमा किए गए आयकर और बीमा संबंधी दस्तावेज फर्जी हैं।'' पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) उर्वीजा गोयल ने कहा कि आरोपियों ने ऋण की राशि प्राप्त करने के लिए गौतमबुद्धनगर के एक अन्य बैंक में केवीएस ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से खाता भी खोला था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से 30 लाख रुपये की एक कार, ढाई लाख रुपये नकद, तीन आई-फोन, एक लैपटॉप और जाली दस्तावेजों की प्रतियां भी बरामद की गयी हैं।

 


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Content Editor

Hitesh

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