विदेश में कैंसर से जूझ रहे भारत के पूर्व कोच, इलाज के लिए बेटी ने लगाई मदद की गुहार
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 03:09 PM (IST)
स्पोर्ट्स डेस्क : माइकल नोब्स, जो ऑस्ट्रेलिया के पूर्व हॉकी खिलाड़ी हैं, संन्यास के बाद भारतीय हॉकी टीम के कोच भी बने थे। वे पिछले करीब पांच सालों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहे हैं। माइकल को फेफड़ों का कैंसर है, जो अब उनकी हड्डियों तक फैल चुका है। बीमारी के साथ-साथ उन्हें आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका इलाज कराना मुश्किल हो गया है।
क्राउडफंडिंग पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार, माइकल नोब्स के इलाज के लिए एमीवेंटामैब नाम की एक विशेष दवा की जरूरत है, जो काफी महंगी है। केवल छह महीने के इलाज में करीब 64 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का खर्च आता है। इसी कारण उनके परिवार को लोगों से आर्थिक मदद मांगनी पड़ी।
यह भी पढ़ें - इस दिग्गज बल्लेबाज ने किसा संन्यास का ऐलान
माइकल की दो बेटियां हैं, कैटलिन नोब्स और जैमी नोब्स। कैटलिन खुद एक हॉकी खिलाड़ी हैं। दोनों बहनों ने 31 अगस्त 2025 को अपने पिता के इलाज के लिए एक क्राउडफंडिंग पोर्टल के जरिए मदद की अपील की। इस अभियान से करीब 75 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जुटाए गए, लेकिन इसके बावजूद इलाज पूरी तरह सुचारु रूप से नहीं चल पा रहा है। कैटलिन नोब्स ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता फिलहाल सिडनी में रहते हैं, जबकि वे खुद पर्थ में हैं। दोनों शहरों के बीच करीब पांच घंटे की फ्लाइट दूरी है, जिससे दूर रहकर मदद करना और भी मुश्किल हो जाता है।
Saw her for the first time as a teenager after India qualified for the 2012 Olympics. Now an absolute superstar. My friend Michael Nobbs' daughter Caitlin Nobbs. pic.twitter.com/CRNZtYIXB3
— Digvijay Singh Deo (@DiggySinghDeo) January 11, 2025
पिता की सेहत को लेकर बात करते हुए कैटलिन ने कहा कि इलाज चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन माइकल नोब्स में अब भी जीने की मजबूत इच्छाशक्ति है। उन्होंने बताया कि उनके पिता को उन्हें हॉकी खेलते देखना बहुत अच्छा लगता है और इससे उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। कैटलिन ने कहा कि हॉकी से ज्यादा उनके बीच पिता-बेटी का रिश्ता अहम रहा है और चाहे वह अच्छा खेलें या बुरा, उनके पिता हमेशा उनके सबसे बड़े समर्थक रहे हैं।
