9/11 जैसे हमले की फिराक में था फ्लाईदुबई का को-पायलट, प्लेन को ऊंची इमारत से टकराने की बनाई थी योजना
punjabkesari.in Monday, Oct 05, 2026 - 08:48 AM (IST)
नई दिल्ली : फ्लाईदुबई के विमान को हाईजैक करने और फिर उसे क्रैश करने की नाकाम कोशिश में को-पायलट हम्माम अल-हम्मानी से बड़ी जानकारी प्राप्त हुई है। जांचकर्ताओं के मुताबिक फ्लाईदुबई का को-पायलट 9/11 जैसे बड़े हमले की फिराक में था और उसे प्लेन को ऊंची इमारत से टकराने की योजना बनाई थी। CBS न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार इजराइल की शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि 29 वर्षीय ओमान के नागरिक ने इस हमले को अकेले ही अंजाम दिया था।
इतालवी अखबार 'कोरिएरे डेला सेरा' ने रिपोर्ट दी कि अल-हम्मानी ने चुपके से मच्छर को मारने, विमान के इंजन बंद करने और 30 सितंबर को तेल अवीव में एक इमारत से प्लेन टकराने की योजना बनाई थी। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मानी, जिसे UAE में गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है, ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसका इरादा कैप्टन को ठिकाने लगाने और लैंडिंग की मंजूरी मिलने के बाद भी फ्लाइट 1073 को सामान्य रूप से जारी रखने का था, और फिर तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान को किसी इमारत या दूसरे प्लेन से टकराने का था।
को-पायलट ने नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश करने से पहले विमान के जॉर्डन के ऊपर पहुंचने का इंतजार करने की योजना बनाई थी, ताकि अलार्म न बजे और उसे हमले को अंजाम देने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इजराइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार उसने जुलाई में हमला करने की योजना बनाई थी लेकिन आखिरी समय में इसे छोड़ दिया क्योंकि वह क्रू के एक सदस्य का दोस्त था।
गौर हो कि 30 सितंबर को हम्मानी ने कॉकपिट में भारतीय पायलट मच्छर पर क्रैश एक्स (आपातकालीन कुल्हाड़ी) से हमला किया और फ्लाइट पर नियंत्रण करने की कोशिश की। संघर्ष के दौरान बोइंग 737 मैक्स 8 विमान लगभग दो मिनट में 36,000 फीट से नीचे गिरकर लगभग 17,000 फीट पर आ गया जिससे विमान के ढांचे पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ा और विमान के रडर (दिशा-नियंत्रक) के कुछ हिस्से उखड़ गए। विमान में 174 यात्री सवार थे। एक बड़ी दुर्घटना तब टल गई जब घायल मच्छर (Machchhar) ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे क्रू मेंबर और यात्री फ्लाइट डेक में घुस पाए और को-पायलट पर काबू पा लिया। फ्लाइट में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने बाद में फ्लाइट का कंट्रोल संभाला और सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
