कै. स्मित मच्छर की हालत पर UAE से आया बड़ा अपडेट; को-पायल ने चाकू नहीं ‘इस हथियार’ से किया था हमला, ऑस्ट्रेलिया से भी कनैक्शन
punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 02:42 PM (IST)
Riyadh: फ्लाईदुबई विमान को हवा में तबाही से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की हालत अब तेजी से सुधर रही है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान को बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले स्मित को संयुक्त अरब अमीरात में उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा मिल रही है। इस बीच मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। यूएई के अभियोजक जनरल ने पहली बार इस घटना को “आतंकवादी हमले की कोशिश” बताया है। जांच में सामने आया है कि को-पायलट ने पायलट पर चाकू से नहीं, बल्कि कॉकपिट में रखी जाने वाली क्रैश ऐक्स से हमला किया था।
स्मित मच्छर की हालत अब कैसी है?
भारतीय विदेश मंत्रालय और यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को कैप्टन स्मित मच्छर की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जानकारी दी। भारतीय दूतावास के मुताबिक, स्मित को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिल रही है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। दूतावास ने कहा कि वह स्मित के परिवार और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। भारत ने यूएई सरकार की ओर से दी जा रही चिकित्सा सुविधा के लिए आभार जताया है और कैप्टन स्मित के जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की है।
चाकू से नहीं हुआ हमला
यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजक जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने शनिवार को कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के को-पायलट ने उड़ान के दौरान आतंकवादी हमला करने की कोशिश की थी। अभियोजक जनरल के मुताबिक, को-पायलट ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश ऐक्स से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। क्रैश ऐक्स आमतौर पर विमान के कॉकपिट में आपात स्थिति के लिए रखी जाती है। यानी इस हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु कोई सामान्य चाकू नहीं थी, बल्कि विमान में आपातकालीन स्थिति के लिए मौजूद उपकरण था।
पहली बार UAE ने बताया ‘आतंकवादी हमला’
यूएई के अभियोजक जनरल का बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि यह पहली बार है जब अमीरात के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इस घटना को आतंकवादी हमले की कोशिश बताया है जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। हमलावर साल 2014 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था और अगले साल वहां यूनिवर्सिटी में कोर्स शुरू किया था। वह 2017 में ऑस्ट्रेलिया से चला गया और 2019 में उसका वीजा रद कर दिया गया था, क्योंकि अधिकारियों ने पुष्टि कर ली थी कि वह अब उस कोर्स में एनरोल नहीं है। लेकिन ऑस्ट्रेलियन अधिकारियों ने उसके प्रवास को लेकर औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
ओमान एयर ने पहले ही लगा दिया था बैन
बता दें कि इससे पहले जांच में यह भी सामने आया है कि अल-हम्मामी को ओमान में पहले ही उड़ानों से प्रतिबंधित कर दिया गया था। उस पर शक था कि उसने चरमपंथी विचार अपना लिए हैं। इसके बाद उसे ओमान एयर में एक प्रशासनिक नौकरी पर भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां हमले की परिस्थितियों, हमले के पीछे के मकसद और आरोपी के संभावित संबंधों का पता लगाने में जुटी हैं। इसके साथ ही घटनास्थल से मिले भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
बता दें कि यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। आरोप है कि ओमान के रहने वाले को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर विमान का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प के दौरान विमान करीब दो मिनट में 16 हजार फीट नीचे आ गया। हालात बेहद खतरनाक थे और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा पैदा हो गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद चालक दल, यात्रियों और दो ड्यूटी से बाहर मौजूद पायलटों ने मिलकर आरोपी को काबू किया।
