Nepal Flood News : बाढ़ से 133 भारतीय पर्यटक लापता, बह गए पुल, भागते दिखे लोग, देखिए रिपोर्ट
punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 06:06 PM (IST)
नई दिल्लीः नेपाल में आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। नेपाल पर्यटक बोर्ड के अनुसार बाढ़ से 133 भारतीय पर्यटक लापता हो गए हैं, जिससे 31 लोग मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे। नेपाल पर्यटक बोर्ड के अनुसार लगभग 400 पर्यटक लापता हुए हैं। इनमें 291 विदेशी और 90 से ज्यादा पर्यटक नेपाल के है। नेपाल न्यूज के अनुसार, 37 पर्यटक NRI हैं, जबकि अन्य संयुक्त राज्य अमेरिका, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के पर्यटक हैं।
नेपाल सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर- 1144 जारी किया है। नेपाल की सेना ने बताया कि अब तक 12 लोगों को हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया है। इसके अलावा अन्य 5 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में पानी का तेज बहाव आया, जिससे तिमुरे और स्याप्रु बेसी बुरी तरह प्रभावित हुए। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत में ग्यारोंग बॉर्डर क्रॉसिंग के पास भी मडस्लाइड (कीचड़ और मलबे का खिसकना) हुई, जिससे कई लोगों की मौत हुई और कई लापता हो गए।
नेपाल-तिब्बत सीमा के चीनी हिस्से से मिले सिक्योरिटी फुटेज में चट्टानों, कीचड़ और पानी का जबरदस्त बहाव इलाके में घुसने से ठीक पहले लोगों को भागते हुए देखा गया। इस बहाव ने इमारतों और गाड़ियों को नष्ट कर दिया और कई लोगों की जान ले ली। मडस्लाइड की सही वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। हालांकि, जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने बताया कि सिक्योरिटी फुटेज में दिख रहे टाइमस्टैम्प से करीब सात मिनट पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इलाके में नदियों का उग्र रूप दिखाई दे रहा है। एक वीडियो में बाढ़ का पानी एक पुल को बहा ले जाता हुआ दिख रहा है। एक अन्य वीडियो में एक घर ताश के पत्तों की तरह ढहता हुआ दिख रहा है, जबकि बैकग्राउंड में लोग चीखते-चिल्लाते और घबराहट में भागते हुए नजर आ रहे हैं।
🚨 Over 100 Indians were reported missing in Nepal after a massive flash flood swept through Nepal’s Rasuwa district. pic.twitter.com/dLAngufvpP
— Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) August 26, 2026
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी
नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन जिन जगहों पर बाढ़ का पानी बहुत ज्यादा था, वहां हेलीकॉप्टर नहीं उतर पाए। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत में लापता लोगों की व्यापक खोजबीन करने और दूसरी आपदाओं को रोकने के लिए बेहतर निगरानी और अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम (समय से पहले चेतावनी देने वाली प्रणाली) बनाने का निर्देश दिया। भारत में, बिहार सरकार ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की और गंडक और कोसी नदी प्रणालियों से सटे ज़िलों के अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया।
क्या भूकंप की वजह से एवलांच आया?
नेपाल-तिब्बत सीमा के चीनी हिस्से से मिले सिक्योरिटी फुटेज में चट्टानों, कीचड़ और पानी का ज़बरदस्त बहाव इलाके में घुसने से ठीक पहले लोगों को भागते हुए देखा गया। इस बहाव ने इमारतों और गाड़ियों को नष्ट कर दिया और कई लोगों की जान ले ली। मडस्लाइड की सही वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। हालांकि, जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने बताया कि सिक्योरिटी फुटेज में दिख रहे टाइमस्टैम्प से लगभग सात मिनट पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। माना जा रहा है कि एवलांच (हिमस्खलन) के कारण पानी और मलबे का भारी बहाव नीचे की ओर आया, जिससे गांवों, सड़कों, पुलों और पनबिजली (hydropower) के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।
गांव और सीमावर्ती बाजार बह गए
रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि अधिकारियों को गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की साइटों के बह जाने की खबरें मिली हैं, हालांकि नुकसान का पैमाना तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, परियार ने कहा, "जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।" स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, तिब्बत सीमा के पास स्थित बाजार 'तिमुुरे बाजार' और पास के कस्टम क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है; कई वाहन और सामान बह गए। रसुवागढ़ी में हाल ही में बना 'फ्रेंडशिप ब्रिज' - जिसे पिछले साल की विनाशकारी बाढ़ के बाद फिर से बनाया गया था - भी बह गया।
BREAKING : Visuals show Massive flooding swept away the whole bridge in Nepal today. pic.twitter.com/cNjSWPdrQ9
— World Updates (@Updatesofwworld) August 26, 2026
नेपाल पुलिस के अनुसार, तीन पुलिस केंद्रों को नुकसान पहुंचा है - तिमुुरे में एरिया पुलिस ऑफिस, स्याफ्रुबेसी में पुलिस पोस्ट और रसुवागढ़ी में पुलिस पोस्ट। 'द काठमांडू पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बत सीमा के पास तिमुुरे में तैनात आर्म्ड पुलिस फोर्स के नौ जवान लापता बताए गए हैं। बाढ़ से पनबिजली के बुनियादी ढांचे, सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचा या वे बह गए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि लगभग 430 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है - जिसमें से ज्यादातर पनबिजली परियोजनाओं से थी - जो देश की कुल 3.2 गीगावाट की स्थापित पनबिजली क्षमता का 12 प्रतिशत से अधिक है। रसुवा भोटे कोशी से आई बाढ़ का पानी नारायणी देवघाट तक पहुंच गया है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने नदी के किनारे बसे इलाकों और बाजारों में रहने वाले लोगों से हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर नहीं उतर पा रहे
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़, नुकसान और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए मंत्रिपरिषद की एक आपात बैठक की अध्यक्षता की। 'द काठमांडू पोस्ट' के अनुसार, खोज और बचाव कार्यों के लिए पुलिस, नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है, जबकि सेना के दो हेलीकॉप्टर प्रभावित इलाकों की ओर भेजे गए हैं। हालांकि, जमीनी हालात के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। सेना के प्रवक्ता राजा राम बस्नेत ने बताया कि स्याप्रु बेसी और तिमुरे में हेलीकॉप्टर उतारने के लिए पानी का स्तर बहुत ज़्यादा था। शाह ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाएं। उन्होंने कहा, "नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ज़्यादा सावधानी बरतें और सतर्क रहें।"
