पहले प्यार फिर वीडियो कॉल पर... पुलिसकर्मी समेत 150 पुरुषों को बनाया शिकार, अब ऐसे खुला राज
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 11:32 PM (IST)
नेशनल डेस्क: गोरखपुर में खुद को ‘लेडी डॉन’ की तरह पेश करने वाली अंशिका सिंह आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में है। गिरफ्तारी के बाद उसके कथित कारनामों की परतें एक-एक कर खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि अंशिका पर हनीट्रैप, सेक्स रैकेट, ब्लैकमेलिंग और झूठे मुकदमों की धमकी देकर उगाही जैसे गंभीर आरोप हैं।
पांच साल, डेढ़ सौ शिकार!
पुलिस के मुताबिक, अंशिका सिंह हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र की रहने वाली है और बीते करीब पांच साल से वह इस कथित अपराध नेटवर्क को चला रही थी। आरोप है कि इस दौरान उसने लगभग 150 लोगों को अपने जाल में फंसाया। वह पहले प्यार और भरोसे की बातें करती, फिर वीडियो कॉल के जरिए आपत्तिजनक सामग्री रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देती थी।
पॉक्सो और रेप केस की धमकी से उगाही
जांच में यह भी आरोप सामने आए हैं कि अंशिका कई लोगों को झूठे पॉक्सो और रेप केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलती थी। उसके इस जाल में आम लोग ही नहीं, बल्कि कुछ पुलिसकर्मियों के फंसने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, अब तक किसी पीड़ित ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, जिससे कई मामलों में जांच आगे नहीं बढ़ पाई है।
किराए का मकान, सेक्स रैकेट और पहला विवाद
कुछ साल पहले अंशिका संत कबीर नगर के खलीलाबाद में किराए के मकान में रहती थी। आरोप है कि वहीं से उसके अवैध कामों की शुरुआत हुई। जब मकान मालकिन ने कमरा खाली करने को कहा तो विवाद बढ़ा और मामला एक वकील अंशिका पांडेय तक पहुंचा। वकील ने आरोप लगाया कि अंशिका के संपर्क में कुछ पुलिसकर्मी भी थे, जो उसके जाल में फंस गए।
बर्थडे पार्टी बनी खुलासे की वजह
20 जनवरी को गोरखपुर में हुई एक बर्थडे पार्टी ने पुलिस को चौंका दिया। आरोप है कि पार्टी के दौरान अंशिका का एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर से विवाद हुआ। रंगदारी मांगने के दौरान उसने कथित तौर पर मैनेजर की कनपटी पर पिस्टल लगा दी। छीना-झपटी में मैनेजर के दोस्त को गोली लग गई, जिसे गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया।
मोबाइल से निकले राज
पुलिस ने जब अंशिका का मोबाइल खंगाला तो उसमें बड़ी संख्या में अश्लील वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और चैट्स मिलीं। जांच में सामने आया कि वह वीडियो कॉल के जरिए लोगों को न्यूड वीडियो दिखाकर या रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल करती थी।
फर्जी नंबर प्लेट और लग्जरी लाइफस्टाइल
एसपी सिटी अभिनव त्यागी के अनुसार, अंशिका पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रही है। अक्टूबर 2025 में दिल्ली से किराए पर ली गई थार गाड़ी वापस न करने और फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमने का मामला सामने आया था। गाड़ी से हरियाणा, बिहार और गोरखपुर की फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई थीं।
रील्स से जाल तक
अंशिका सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी। उसने 700 से ज्यादा रील्स पोस्ट की थीं, जिनके जरिए वह लोगों को आकर्षित करती थी। पुलिस जीप के सामने खड़े होकर आपत्तिजनक गानों पर रील बनाना भी उसकी आदत में शामिल बताया जा रहा है।
