Nagpur: दो बड़े सरकारी अस्पतालों में फेल हुईं बुखार और ब्लड प्रेशर की दवाएं, 1.25 लाख गोलियां वापस मंगाई
punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 04:11 PM (IST)
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर स्थित दो प्रमुख सरकारी अस्पतालों-सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMC) और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC)-में मरीजों को बांटी जाने वाली पैरासिटामोल और ब्लड प्रेशर (BP) की दवाएं FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गई हैं। लैब रिपोर्ट के बाद दोनों अस्पतालों में इन दवाओं का डिस्ट्रीब्यूशन तुरंत रोक दिया गया है और मौजूद स्टॉक को वापस मंगा लिया गया है।
टैबलेट्स के रंग में गड़बड़ी
FDA की लैब टेस्टिंग के दौरान अस्पतालों में सप्लाई की गई दवाओं के सैंपल तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। टेस्ट में पैरासिटामोल टैबलेट्स के रंग और बाहरी दिखावट में गड़बड़ी पाई गई। बुखार की दवा के साथ-साथ हाई बीपी के मरीजों को दी जाने वाली दवा भी क्वालिटी टेस्ट में पास नहीं हो सकी।
अस्पताल प्रशासन की तुरंत कार्रवाई
GMC के सुपरिटेंडेंट डॉ. अविनाश गावंडे ने बताया कि FDA का आधिकारिक पत्र मिलते ही जुलाई में आई दवाओं का प्रोडक्शन रोक दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने करीब 1.25 लाख पैरासिटामोल टैबलेट्स का स्टॉक तुरंत वापस रिकॉल कर लिया है।
क्या मरीजों को होगी परेशानी?
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस कदम से मरीजों के इलाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 2.5 लाख टैबलेट्स का बैकअप: अस्पताल के पास पहले से ही अन्य प्रमाणित कंपनियों की करीब 2.5 लाख पैरासिटामोल गोलियां उपलब्ध हैं। सप्लाई नेटवर्क सुरक्षित: नियमित वेंडर्स के पास लगभग 2.40 लाख दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक मौजूद है, जिससे दवाओं का वितरण सुचारू रूप से जारी रहेगा।
