Bijapur में बड़ा सरेंडर: 8 नक्सलियों ने बीजापुर पुलिस के सामने किया सरेंडर, 5 महिलाएं भी शामिल
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 03:41 PM (IST)
बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आज सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। झारखंड में सक्रिय 8 नक्सली कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया और बीजापुर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इन माओवादियों में 8 में से 5 महिलाएं शामिल हैं। बता दें कि इस समूह पर कुल 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था। प्रतिबंधित CPI (माओवादी) से लंबे समय से जुड़े ये कैडर छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल सरेंडर और पुनर्वास नीति, बीजापुर जिले में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों और पहले के कैडरों के सफल पुनर्वास की सकारात्मक खबरों से प्रभावित थे।
सुरक्षा बलों का बढ़ता दबाव, संगठन की कमजोर होती स्थिति, हिंसक विचारधारा से मोहभंग और आदिवासी इलाकों में तेजी से हो रहा विकास भी उनके इस फैसले की वजह बने। उन्होंने झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की मदद से सरेंडर किया। इस ऑपरेशन की सफलता में तीनों बलों के बीच बेहतरीन तालमेल, भरोसा कायम करने और संवेदनशील रवैये ने अहम भूमिका निभाई।
सरेंडर करने वाले कैडरों के नाम नीचे दिए गए हैं:
1. अश्विन उर्फ लच्छू (30), DVCM/ZCM, साउथ ज़ोनल कमेटी (झारखंड), इनाम 8 लाख रुपये
2. रंगा उर्फ सोहन (30), सदस्य, सारंडा सब-ज़ोनल कमेटी/DVCM, इनाम 8 लाख रुपये
3. डोबा माडवी उर्फ राहत (25), सदस्य, सारंडा सब-ज़ोनल कमेटी/DVCM, इनाम 8 लाख रुपये
4. फागनी पोयम उर्फ रजनी (28), सदस्य, कोल्हान एरिया कमेटी, इनाम 5 लाख रुपये
5. सूरज मुन्नी चंपिया उर्फ सुबानी (25), सदस्य, कोल्हान एरिया कमेटी, इनाम 5 लाख रुपये
6. हिदमे कड़ती उर्फ रीता (27), सदस्य, कोल्हान एरिया कमेटी, इनाम 5 लाख रुपये
7. बुधारी कुंजाम उर्फ अनुषा (25), सदस्य, कोल्हान एरिया कमेटी, इनाम 5 लाख रुपये
8. सलामी चंपिया उर्फ जिलानी (20), ERB स्क्वाड सदस्य/सुरक्षा गार्ड, इनाम 5 लाख रुपये।
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जानकारी के लिए बता दें कि इनमें से ज्यादातर छत्तीसगढ़ के बीजापुर और आसपास के जिलों के रहने वाले हैं हालांकि वे झारखंड के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे। राज्य की 'नक्सल सरेंडर और पुनर्वास नीति' के तहत इन सभी 8 लोगों को आर्थिक मदद, स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, घर, शिक्षा में सहायता और स्वरोजगार या नौकरी के अवसर मिलेंगे।
फिलहाल ज़िला प्रशासन और पुलिस उन्हें समाज में सम्मान के साथ फिर से शामिल करने के लिए लगातार मार्गदर्शन देंगे। वहीं अधिकारियों ने कहा कि यह सरेंडर सरकार के पुनर्वास कार्यक्रमों की सफलता और सुरक्षा बलों की उन लगातार कोशिशों का उदाहरण है जिनके ज़रिए वे नक्सलियों को हिंसा छोड़ने और शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
