मोहाली में 40 करोड़ की छूट पर ED का शिकंजा: GMADA और रियल एस्टेट डेवलपर जांच के घेरे में
punjabkesari.in Tuesday, Jul 07, 2026 - 02:14 AM (IST)
चंडीगढ़/मोहाली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के रियल एस्टेट क्षेत्र में संभावित वित्तीय अनियमितताओं की अपनी जांच को और तेज कर दिया है। ताजा घटनाक्रम में, ईडी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) द्वारा एक निजी रियल एस्टेट डेवलपर 'रेमीगेट' (Remigate) को दी गई 40 करोड़ रुपये से अधिक की छूट से संबंधित रिकॉर्ड तलब किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मोहाली के सेक्टर 62 में एक कमर्शियल फूड कोर्ट प्रोजेक्ट के लिए आवंटित 1.13 एकड़ जमीन से जुड़ा है। इस साइट को साल 2015 में 32.50 करोड़ रुपये में नीलाम किया गया था। हालांकि, जीमाडा (GMADA) द्वारा बुनियादी ढांचा और बाधा-मुक्त साइट उपलब्ध कराने में विफलता और प्रशासनिक कमियों के कारण प्रोजेक्ट समय पर शुरू नहीं हो सका। इसके बाद, जीमाडा ने अपनी कमियों को स्वीकार करते हुए आवंटन की प्रभावी तारीख को संशोधित कर फरवरी 2022 कर दिया और डेवलपर को दंडात्मक ब्याज सहित 40 करोड़ रुपये से अधिक की भारी छूट प्रदान की।
ईडी की कार्रवाई और जांच का दायरा:
जांच के हिस्से के रूप में, ईडी ने अधिकारियों को इस मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड डिजिटल प्रारूप में जमा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उसी डेवलपर द्वारा प्रमोट किए जा रहे एक अन्य प्रोजेक्ट का विवरण भी मांगा गया है।
जांच एजेंसी केवल इसी मामले तक सीमित नहीं है; वह पंजाब में चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की मंजूरी में कथित अनियमितताओं और लेआउट प्लान में बदलाव के लिए नियामक प्रावधानों के संभावित दुरुपयोग की भी बारीकी से जांच कर रही है।
संटेक सिटी प्रोजेक्ट भी रडार पर:
यह कार्रवाई पंजाब के रियल एस्टेट क्षेत्र में चल रही एक व्यापक मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। इसमें मुल्लांपुर स्थित संटेक सिटी (Suntec City) प्रोजेक्ट भी शामिल है, जहाँ ईडी डेवलपर्स और सरकारी मंजूरियों से जुड़ी वित्तीय और नियामक अनियमितताओं की जांच कर रही है।
