दिल्ली पुलिस का बड़ा कदम: फर्जी बम धमकियों और साइबर अपराधों से निपटने के लिए बना ''D4C''

punjabkesari.in Monday, Aug 31, 2026 - 11:08 AM (IST)

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने बढ़ते साइबर खतरों और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक नए 'दिल्ली साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (D4C) का गठन किया है। सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इस केंद्र के तहत फर्जी बम-धमकी वाले ईमेल की जांच के लिए एक विशेष 'होक्स बॉम्ब ईमेल इन्वेस्टिगेशन सेल' और महिलाओं व बच्चों के ऑनलाइन अपराधों की रोकथाम के लिए 'OCWC' विंग बनाई गई है।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह सेल VPN, गुमनाम रहने वाली टेक्नोलॉजी, स्पूफ्ड या गुमनाम ईमेल और बम की धमकी वाले झूठे ईमेल से जुड़े अपराधों की खास जांच करेगा। यह टेक्निकल पहचान, डिजिटल सबूत इकट्ठा करने और टेलीकॉम ऑपरेटरों, इंटरनेट इंटरमीडियरी और ईमेल सर्विस प्रोवाइडरों के साथ तालमेल बिठाने पर भी ध्यान देगा।

D4C में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों के लिए भी एक खास विंग होगा जिसका काम महिलाओं और बच्चों को प्रभावित करने वाले टेक्नोलॉजी-आधारित अपराधों को रोकना, उनका पता लगाना और उनके खिलाफ कार्रवाई में तालमेल बिठाना होगा।

नोटिफिकेशन के अनुसार OCWC विंग महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों से जुड़ी शिकायतों पर नज़र रखेगा और संगठित ऑनलाइन यौन शोषण नेटवर्क, बार-बार अपराध करने वालों और साइबर हॉटस्पॉट के बारे में ऐसी जानकारी जुटाएगा जिस पर कार्रवाई की जा सके।

यह विंग कंटेंट हटाने, सबूत सुरक्षित रखने और कानून लागू करने के लिए 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C), 'महिलाओं और बच्चों के लिए स्पेशल पुलिस यूनिट' (SPUWAC), ज़िला साइबर पुलिस स्टेशनों, सोशल-मीडिया इंटरमीडियरी और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों के साथ तालमेल बिठाएगा।

नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि OCWC विंग में रोकथाम और बचाव, सोशल-मीडिया मॉनिटरिंग और OSINT, कंटेंट हटाने के ऑपरेशन और पीड़ित की मदद के लिए खास यूनिट होंगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दिल्ली पुलिस गुमनाम बम-धमकी वाले ईमेल और ऑनलाइन स्पेस में महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाले अपराधों सहित उभरते साइबर खतरों के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया को मज़बूत करना चाहती है।


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Content Editor

Rohini Oberoi