रेखा सरकार का पूरा हुआ एक साल, सामने आया Report Card, जानिए कितने वादे हुए पूरे और कितने रह गए अधूरे?

punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 12:15 PM (IST)

नेशनल डेस्क: दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने एख साल पूरा कर लिया है। सत्ता में 27 साल बाद BJP ने फरवरी 2025 में एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार को अब एक साल पूरा हो चुका है। 128 पन्नों के 'संकल्प पत्र' के साथ सत्ता में आई इस सरकार के लिए यह साल वादों को परखने और उन्हें लागू करने की अग्निपरीक्षा जैसा रहा है।

ये वादे हुए पूरे

रेखा सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक से ही चुनावी घोषणापत्र को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया था। यहाँ उनके मुख्य कार्यों का लेखा-जोखा है:

1. स्वास्थ्य: मोहल्ला क्लीनिक बनाम आयुष्मान आरोग्य मंदिर

भाजपा ने अपने वादे के मुताबिक केजरीवाल सरकार के 'मोहल्ला क्लीनिक' मॉडल को बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील करना शुरू कर दिया है। इसके तहत दिल्ली में 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का ऐलान किया गया था। एक साल में लगभग 370 आरोग्य मंदिर सक्रिय हो चुके हैं, जहाँ मुफ्त इलाज और डायग्नोस्टिक सुविधाएँ दी जा रही हैं।

<

>

2. आयुष्मान भारत और वय वंदना योजना

सत्ता में आते ही रेखा सरकार ने केंद्र की 'आयुष्मान भारत' योजना को दिल्ली में लागू किया। दिल्ली सरकार ने अपनी ओर से 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप जोड़कर इसे 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज बना दिया है। 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए 'आयुष्मान वय वंदना' योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 6.7 लाख से अधिक हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

3. मुफ्त बिजली और पानी की निरंतरता

विपक्ष के दावों के विपरीत, भाजपा सरकार ने बिजली और पानी पर मिलने वाली सब्सिडी को जारी रखा है। भाजपा ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वे पुरानी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें और पारदर्शी बनाएंगे।

4. बुनियादी ढांचा और यमुना सफाई

यमुना सफाई और सड़कों का जीर्णोद्धार रेखा सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। हाल ही में सरकार ने ₹800 करोड़ की सड़क पुनर्विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए केंद्र के सहयोग से ₹1800 करोड़ से अधिक की सफाई परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है, हालांकि नदी को पूरी तरह साफ करने का वादा अभी भी 'वर्क इन प्रोग्रेस' है।

कौन से वादे अभी भी हैं 'अधूरे'?

जहाँ स्वास्थ्य और केंद्र की योजनाओं को लागू करने में तेजी दिखी, वहीं कुछ बड़े वादे अभी भी फाइलों में अटके हैं:

  • मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना: गरीब परिवारों की महिलाओं को ₹2500 प्रति माह देने का वादा अभी पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरा है। सरकार का कहना है कि इसके मानदंडों (Criteria) को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
  • एलपीजी सब्सिडी: ₹500 में गैस सिलेंडर का वादा नीतिगत स्तर पर तो पास हो गया है, लेकिन लाभार्थियों तक इसका सीधा लाभ पहुँचना अभी बाकी है।
  • भ्रष्टाचार की जांच: पिछले शासन के दौरान हुए कथित घोटालों की जांच के लिए एसआईटी (SIT) के गठन की गति अभी धीमी है।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Radhika

Related News