दिल्ली के स्कूलों में H1N1 स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए नई गाइडलाइंस, शिक्षा विभाग ने दिए ये जरूरी निर्देश

punjabkesari.in Tuesday, Aug 25, 2026 - 07:06 PM (IST)

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मौसमी इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है। यह निर्देश दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों के लिए लागू किए गए हैं। सरकार का मकसद स्कूलों के जरिए बच्चों और पूरे समुदाय को इस संक्रमण से सुरक्षित रखना है। एडवाइजरी में उनसे कहा गया है कि वे  H1N1 के बारे में जागरूकता बढ़ाएं, बचाव के उपाय करें और तैयारी मज़बूत करें।

घबराने की जरूरत नहीं, सतर्कता है जरूरी
एडवाइज़री में कहा गया है कि मौसमी इन्फ्लूएंजा/H1N1 के लक्षणों में गले में खराश, खांसी, सांस लेने में तकलीफ़, बदन दर्द, सिरदर्द, थकान, ठंड लगना और बुखार शामिल हो सकते हैं। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि इस स्थिति से पैनिक होने या घबराने की कोई वजह नहीं है। हालांकि, समय रहते सही जानकारी और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।   

हाथ धोने की आदत और रेस्पिरेटरी हाइजीन
छात्रों और स्कूल स्टाफ को सलाह दी गई है कि:
-छींकते या खांसते वक्त मुंह और नाक को रुमाल या टिश्यू से जरूर ढकें।
-इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत ढके हुए कूड़ेदान में फेंकें।
-खाने से पहले और खांसने/छींकने के बाद साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोएं।
-सार्वजनिक स्थानों और स्कूल परिसर में थूकने से बचें।

मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
एडवाइज़री में स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे सांस से जुड़ी तकलीफ़ वाले लोगों से उचित दूरी बनाए रखें। इसमें कहा गया है कि जहां ज़रूरी हो, वहां मास्क का इस्तेमाल करें, इसके अलावा, स्कूलों में हवा के सही बहाव (वेंटिलेशन) की व्यवस्था करने और बार-बार छुई जाने वाली जगहों जैसे डेस्क, दरवाजे के हैंडल आदि की नियमित सफाई करने को कहा गया है।

खान-पान और सेल्फ-मेडिकेशन पर रोक
बच्चों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक आहार लेने और पूरी नींद लेने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। अपनी आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छुएं। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि कोई भी व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के खुद दवा या एंटीबायोटिक्स न ले (सेल्फ-मेडिकेशन से बचें)। छात्रों और स्टाफ़ को सलाह दी गई है कि वे शरीर में पानी की कमी न होने दें, पौष्टिक खाना खाएं, पर्याप्त आराम करें और पर्सनल हाइजीन की सामान्य आदतों का पालन करें।

31 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस जानकारी को सिर्फ सर्कुलर तक सीमित न रखें, बल्कि मॉर्निंग असेंबली, नोटिस बोर्ड, पेरेंट्स-टीचर मीटिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए हर घर तक पहुंचाएं। शिक्षा निदेशालय ने ज़िला और ज़ोनल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन निर्देशों के पालन पर नज़र रखें और 31 अगस्त, 2026 तक पूरी रिपोर्ट जमा करें।


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Content Editor

Anu Malhotra