शिखर धवन को पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी देंगी 5.72 करोड़ रुपये, कोर्ट का आदेश जारी
punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 11:45 AM (IST)
नेशनल डेस्क: गब्बर के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन के लिए खुशियां इन दिनों दोगुनी हो गई हैं। अभी उनकी दूसरी शादी की शहनाइयां शांत भी नहीं हुई थीं कि दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें करोड़ों रुपये की बड़ी कानूनी राहत देकर जीत का तोहफा दिया है। अपनी नई जीवनसंगिनी सोफी शाइन के साथ सात फेरे लेने के महज तीन दिन बाद, धवन को अपनी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी से करीब 5.72 करोड़ रुपये वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट का आदेश और दिल्ली का दखल
इस पूरे मामले की जड़ें ऑस्ट्रेलिया के फैमिली कोर्ट से जुड़ी हैं। शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी, जो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं, उन्होंने वहां की अदालत में 'प्रॉपर्टी सेटलमेंट' के तहत वैवाहिक संपत्ति के बंटवारे की गुहार लगाई थी। ऑस्ट्रेलियाई कानून के मुताबिक, धवन को 5.72 करोड़ रुपये की एक बड़ी राशि आयशा को देने का आदेश दिया गया था। लेकिन दिल्ली के फैमिली कोर्ट ने इस ऑस्ट्रेलियाई आदेश की वैधता को भारतीय कानून के तराजू पर तौला और इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया।
भारतीय कानून में 'प्रॉपर्टी सेटलमेंट' का कोई स्थान नहीं
दिल्ली की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया का 'प्रॉपर्टी सेटलमेंट' वाला कॉन्सेप्ट भारतीय कानूनी व्यवस्था, खासकर हिंदू विवाह अधिनियम के लिए बिल्कुल अनजान और पराया है। जज ने अपने फैसले में कहा कि भारतीय वैवाहिक कानूनों के तहत ऐसा कोई सीधा प्रावधान नहीं है जो किसी विदेशी कोर्ट के आदेश की तर्ज पर संपत्ति या फंड के इस तरह के हस्तांतरण को अनिवार्य बनाता हो। अदालत ने ऑस्ट्रेलियाई आदेश को 'असमर्थनीय' करार देते हुए आयशा मुखर्जी को निर्देश दिया है कि वह धवन से ली गई 5.72 करोड़ रुपये की राशि उन्हें वापस लौटाएं।
शादी के जश्न के बीच मिली बड़ी जीत
शिखर धवन ने हाल ही में सोफी शाइन के साथ धूमधाम से निकाह किया है, जिसमें रोहित शर्मा, राहुल द्रविड़, इरफान पठान और सुरेश रैना जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स ने शिरकत की थी। 2023 में आयशा से तलाक के बाद धवन लगातार लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। अब इस अदालती आदेश ने न केवल उनकी वित्तीय स्थिति को राहत दी है, बल्कि उनके नए जीवन की शुरुआत में एक बड़ी मानसिक जीत भी जोड़ दी है।
